हरियाणा में बैंक मैनेजर के बेटे पर पिटबुल ने किया हमला, पेट पर बने गहरे घाव; कुत्ता के मालिक महिला व बेटी पर केस दर्ज
हरियाणा प्रदेश के अंदर विदेशी कुत्ते पाले जा रहे हैं। इनमें कई खरतनाक किस्म के कुत्तेों के द्वारा हमला करने के मामले भी आ रहे हैं। प्रदेश में रोहतक के लाढ़ौत रोड पर रविवार सुबह को ऑपरेटिव बैंक के ब्रांच मैनेजर बसंत विहार निवासी सुनील नेहरा के 12 साल के बेटे दीपांशु पर पिटबुल कुत्ते ने हमला कर दिया।
इस हमले में घायल को पीजीआई रोहतक के ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया गया। उसके पेट पर 3 सेंटीमीटर तक गहरे घाव आए हैं। पुरानी सब्जी मंडी थाना में मां-बेटी के खिलाफ लापरवाही बतरने की एफआईआर दर्ज की गई है।पुलिस के अनुसार वसंत विहार निवासी सुनील नेहरा ने बताया कि रविवार सुबह करीब 9 बजे उसका बेटा दीपांशु व पूर्व अपने मामा भैयापुर निवासी संदीप से लस्सी लेने लाढ़ोत रोड पर गये हुए थे। दोनों सडक़ किनारे खड़े होकर मामा का इंतजार करने लगे, इसी दौरान अचानक एक मकान से 2 पिटबुल कुत्ते निकल कर आए। एक कुत्ते ने उसके छोटे बेटे 10 साल पूर्व पर हमला कर दिया। दीपांशु ने छोटे भाई का बचाव किया तो कुत्ते ने उसके ऊपर भी हमला कर दिया। दीपांशु को जमीन पर गिराकर पेट पर दांत गड़ा दिए।
इसके बाद शोर सुनकर पड़ोस का युवक विक्रम आ गया। विक्रम ने डंडे से कुत्ते पर हमला कर दीपांशु को छुड़वाया। सूचना पाकर स्वजन मौके पर पहुंचे। तब तक मामा भी लस्सी लेकर आ गया। उन्होंने ही दीपांशु को अस्पताल में दाखिल कराया।
दीपांशु के पिता सुनील नेहरा ने बताया बेटे दीपांशु के पास पीजीआई के ट्रामा सेंटर पहुंचा। बेटे के पेट पर 20 के करीब जख्म हैं। इसमें 2 जख्म तो 3 सेंटीमीटर तक गहरे हैं। चिकित्सकों ने अपनी एमएलआर रिपोर्ट में बताया कि पेट के दाहिने तरफ नाभि से लगभग पांच सेमी की दूरी पर कई छोटे खरोंच व काटने के निशान हैं। इनसे सक्रिय रक्तस्राव हो रहा है। चिकित्सक और सर्जन की राय लेने की सलाह दी गई है।
पुलिस को दी शिकायत में शिकायतकर्ता ने बताया कि जिस मकान से पिटबुल कुत्ते निकल कर आए थे। वहां से एक महिला व उसकी बेटी निकल कर आई। बेटी घायल दीपांशु को संभालने के बजाय कुत्ते को अंदर घर में ले गई और दरवाजा बंद कर दिया।
एसआई सन्नी सिंह, प्रभारी सुखपुरा पुलिस चौकी ने बताया कि घायल दीपांशु के पिता सुनील नेहरा के बयान पर महिला शर्मिला व उसकी बेटी मुस्कान के खिलाफ बीएनएस की धारा 291,125(्र) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
6 महीने की हो सकती है कैद
वरिष्ठ पवन कुमार पारिक ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 291 'पशु के प्रति लापरवाहीपूर्ण आचरण' से संबंधित है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर या लापरवाही से अपने पालतू जानवर (जैसे कुत्ता) को असुरक्षित छोड़ता है। इससे मानव जीवन या सुरक्षा को खतरा हो तो 6 महीने तक की जेल या 5,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
