home page

सिरसा में पंचनद शोध संस्थान, सिरसा अध्ययन केंद्र द्वारा पश्चिम एशिया के युद्ध में भारत की भूमिका विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन

 | 
A seminar on the role of India in the war in West Asia was organised by Panchnad Research Institute, Sirsa Study Centre in Sirsa

mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में पंचनद शोध संस्थान, सिरसा अध्ययन केंद्र द्वारा ‘पश्चिम एशिया के युद्ध में भारत की भूमिका’ विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन सी डी ए ल यू प्रांगण में  किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व कुलपति पत्रकारिता यूनिवर्सिटी भोपाल एवं वर्तमान में पंचनद शोध संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में चौधरी देवीलाल  विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार उपस्थित रहे।

विशिष्ट अतिथि के रूप में स्टेट इन्फॉर्मेशन कमिश्नर एवं पंचनद शोध संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह ने शिरकत की।
प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने   भारत के आंतरिक हितों पर जोर दिया।  उन्होंने कहा कि सरकार की वर्तमान प्राथमिकता आर्थिक और व्यापारिक  स्थिरता को बनाए रखना है।  उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा नागरिकों के हितों की रक्षा और उद्योग एवं आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती प्रदान करने को समय की मांग बतया। कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने कहा कि भारतीय युवाओं का विश्व भर में डंका बजता है और वह अपनी प्रतिभा के बलबूते पर मेक इंडिया की कांसेप्ट को बढ़ावा दे रहे हैं।


गोष्ठी के मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध रक्षा विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्रा ने अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के संदर्भ में भारत के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं, जिनमें पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता, प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा तथा जटिल कूटनीतिक परिस्थितियां शामिल हैं। उन्होंने भारत की विदेश नीति को ‘ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर’ के संतुलित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

WhatsApp Group Join Now


बैठक में परिचर्चा के दौरान यह बात उभर कर सामने आई कि  भारत सदैव ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का समर्थक रहा है और किसी पर आक्रमण करने की नीति का अनुसरण नहीं करता। भविष्य में यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल होती हैं, तो भारत शांति स्थापना में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। इस अवसर पर प्रो. डी.पी. वारने (संरक्षक), पवन कुमार (अध्यक्ष), प्रो. कपिल चौधरी (उपाध्यक्ष), रमेश हांस (सचिव), विष्णु शर्मा (कोषाध्यक्ष) तथा कपिल असीजा (सोशल मीडिया प्रभारी) सहित  विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी सहित शहर के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।