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विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष में राजकीय महिला महाविद्यालय, सिरसा में हुई विचार गोष्ठी

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A seminar was held at Government Women's College, Sirsa on the occasion of World Hindi Day

Mahendra india news, new delhi
राजकीय महिला महाविद्यालय, सिरसा मैं " विश्व हिंदी दिवस " के उपलक्ष में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रैस प्रवक्ता डॉ. कपिल सैनी ने बताया कि प्राचार्य डॉ. शत्रुजीत सिंह की अध्यकता में विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष में एक विचारगोष्ठी  का आयोजन किया गया जिसमें महाविद्यालय की सभी छात्राओं ने बढ़ चढ़ करके भाग लिया।

इस उपलक्ष में प्राचार्य डॉ. शत्रुजीत सिंह ने अपने  अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि हिंदी भाषा विश्व की सभी भाषाओं में श्रेष्ठ एवं वैज्ञानिक भाषा है। इसने अपने इस मुकाम हासिल करने के लिए जो संघर्ष किया है, वह अपने आप में प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने यह भी बताया कि हमें विश्व के विभिन्न भाषाओं की जानकारी होनी चाहिए और अधिक से अधिक भाषाओं का ज्ञान प्राप्त करना चाहिए परंतु, अपनी मातृभाषा हिंदी को सबसे अधिक महत्व देना चाहिए, क्योंकि यह हमारी सोच एवं विचार शैली को उत्कृष्ट बनाने में सबसे अधिक सहायक होती है ।

व्यक्ति अपने चिंतन को अपनी मातृभाषा के माध्यम से जितना सफल बना सकता है, उतना अन्य भाषा में सक्षम नहीं है । इस मौके कार्यकारी प्राचार्य डॉ. विक्रमजीत सिंह ने हिंदी भाषा के महत्व को स्वीकार करते हुए कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और किसी भी देश के मातृभाषा उसे देश के लोगों का सम्मान होती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन देशों ने अपनी मातृभाषा का महत्व दिया है वह आज विकसित एवं सुदृढ़ स्थिति में है। मातृभाषा को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि वैसे तो मातृभाषा की परिभाषा मां की भाषा से मानी जाती है परंतु वृहत परिपेक्ष में मातृभाषा वह भाषा होती है, जिसमें व्यक्ति अपना चिंतन और दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है।

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हिंदी विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर निर्मला ने हिंदी भाषा से जुड़ी विभिन्न जानकारियां छात्रों के साथ सांझा की । विचार गोष्ठी में महाविद्यालय की विभिन्न छात्रों ने अपने विचार अभिव्यक्ति की जिसमें खुशप्रीत बीए तृतीय वर्ष एवं करूणा बीए तृतीय एवं तनु बीए प्रथम वर्ष ने क्रमशः प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया । प्रेस प्रवक्ता डॉ. कपिल सैनी ने बताया कि हिंदी भाषा का वैश्विक महत्व निरंतर बढ़ता जा रहा है और आज हिंदी अपने को बहुआमी बनाने की ओर अग्रसर है। साथ ही उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में हिंदी भाषा के प्रति राष्ट्रीय और सामाजिक जागरूकता से जुड़े ऐसे आयोजन भविष्य में भी जारी रहेंगे, ताकि छात्राओं में हिंदी भाषा के प्रति प्रेम, राष्ट्रभक्ति, संवेदनशीलता और भाषाई एकता की भावना को लगातार मजबूत किया जा सके। इस उपलक्ष में महाविद्यालय परिवार से अन्य शिक्षक वृंद भी उपस्थित रहे।