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राजकीय महिला महाविद्यालय, सिरसा में सामाजिक सरोकारों पर आधारित लघु नाटक ‘मुक्तिधाम’ का सफल आयोजन

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A short play based on social concerns, 'Muktidham', was successfully organised at the Government Women's College, Sirsa

mahendra india news, new delhi
 राजकीय महिला महाविद्यालय, सिरसा में प्राचार्य डॉ. शत्रुजीत सिंह की अध्यक्षता में सामाजिक सरोकारों पर आधारित लघु नाटक ‘मुक्तिधाम’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का कुशल संयोजन इतिहास विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विक्रमजीत सिंह, पंजाबी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रीत कौर तथा हिंदी विभाग के प्राध्यापक एवं प्रेस प्रवक्ता डॉ. कपिल सैनी द्वारा किया गया।


डॉ. कपिल सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह नाटक संस्कृत भारत सरकार के अंतर्गत उत्तर प्रदेश क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज के तत्वावधान में के.एल. थिएटर प्रोडक्शन तथा संस्कार भारती, सिरसा शाखा द्वारा प्रस्तुत किया गया। नाटक का निर्देशन करण लड्ढा ने किया, जबकि सूत्रधार के रूप में अमित लड्ढा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में संस्कार भारती से जयंत कुमार एवं राजेंद्र जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।


कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, अभिव्यक्ति कौशल तथा सामाजिक जागरूकता को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों के स्वागत से हुई। नाटक की कथा वर्तमान भौतिकवादी युग में बदलती मानवीय संवेदनाओं पर केंद्रित रही, जिसमें यह दर्शाया गया कि किस प्रकार विकृत मानसिकता के कारण कुछ लोग अपने माता-पिता से दूरी बना लेते हैं। साथ ही, इस समस्या के समाधान का संदेश भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

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अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. शत्रुजीत सिंह ने कहा कि नाटक केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज का दर्पण होता है। यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और उन्हें सामाजिक मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाता है।
इस अवसर पर प्रस्तुत नाटक ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों की प्रभावशाली अभिनय क्षमता, संवाद अदायगी और सजीव मंच सज्जा ने कार्यक्रम को अत्यंत आकर्षक बना दिया। नाटक के माध्यम से आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।


कार्यक्रम के सफल आयोजन पर डॉ. विक्रमजीत सिंह ने पूरी टीम को बधाई देते हुए विद्यार्थियों को भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए डॉ. प्रीत कौर ने सभी अतिथियों, अध्यापकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह नाटक न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा और सीख का महत्वपूर्ण स्रोत भी सिद्ध हुआ