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भारत की गौरवशाली बेटी कल्पना चावला की स्मृति में भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन

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A soulful tribute programme was organised in the memory of India's proud daughter Kalpana Chawla

mahendra india news, new delhi
 राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बप्पा के प्रांगण में आज भारत की गौरवशाली बेटी कल्पना चावला की स्मृति में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कल्पना चावला के प्रेरणादायक जीवन, संघर्ष, उपलब्धियों और बलिदान से अवगत कराना रहा।

इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता नरेश कुमार ग्रोवर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च 1962 को हरियाणा के करनाल में हुआ। बचपन से ही उन्हें आकाश और अंतरिक्ष के प्रति विशेष आकर्षण था। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की तथा आगे चलकर अमेरिका में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर्स और पीएच.डी. की डिग्री प्राप्त की। वर्ष 1994 में उनका चयन NASA में अंतरिक्ष यात्री के रूप में हुआ, जो भारत के लिए गर्व का विषय था।

मुख्य वक्ता ने आगे बताया कि कल्पना चावला ने अंतरिक्ष में दो बार यात्रा कर भारत का नाम विश्व पटल पर रोशन किया। उनकी पहली अंतरिक्ष यात्रा वर्ष 1997 में स्पेस शटल कोलंबिया (STS-87) के माध्यम से हुई, जिसमें उन्होंने सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण और सामग्री विज्ञान से संबंधित महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग किए। वर्ष 2003 में उनकी दूसरी अंतरिक्ष यात्रा (STS-107) पूर्णतः वैज्ञानिक अनुसंधान पर आधारित थी, जिसमें जैविक विज्ञान, द्रव विज्ञान और दहन विज्ञान से जुड़े 80 से अधिक प्रयोग सफलतापूर्वक किए गए।

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श्री ग्रोवर ने भावुक स्वर में बताया कि 1 फरवरी 2003 को पृथ्वी पर लौटते समय तकनीकी खराबी के कारण स्पेस शटल कोलंबिया दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें कल्पना चावला सहित सातों अंतरिक्ष यात्रियों की असामयिक मृत्यु हो गई। यह घटना पूरे विश्व के लिए एक अपूरणीय क्षति थी।

इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जैस्मिन, वर्षा, हरमंदीप, अनु, जैस्मिन, सिद्दीक, कुदरत, नूर, सुमित कुमार, युवराज, भावेश, जतिन, पंकज, रतन सिंह, प्रिंस और कमलदीप सहित अनेक विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों द्वारा जोशीले नारों— “भारत की बेटी अमर रहे” एवं “कल्पना चावला अमर रहे”—के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

विद्यालय परिवार ने संकल्प लिया कि वे कल्पना चावला के साहस, समर्पण और सपनों से प्रेरणा लेकर जीवन में ऊँचे लक्ष्य निर्धारित करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देंगे।