नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में तेज आंधी से सौर ऊर्जा संयंत्रों के शीशे टूटे, बिजली के पोल व पेड़ गिरे
नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में शनिवार दोपहर को आई तेज आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। खेतों व सडक़ों पर खड़े पेड़ उखड़ कर गिर गए। इसी के साथ ही ट्यूबवैलों के सौर ऊर्जा संयंत्रों के शीशे टूट गए। मौसम खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। लेकिन बाद में हल्की बरसात होने से मौसम में ठंडक बढ़ गई जिसे गर्मी से राहत मिली। गौरतलब 2 दिन पहले भी तूफानी आंधी से काफी नुकसान हुआ था।
नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गुसाईआना, खेड़ी, कुम्हारिया, कागदाना, दड़बाकलां, मानकदिवान, रूपाना खुद, रूपावास, चाहरवाला, जोगीवाला, जसानिया, गिगोरानी रामपुरा ढिल्लों, रूपावास , बरासरी, जमाल सहित दर्जनों गांवों में शनिवार को अचानक मौसम में बदलाव आया और तेज आंधी शुरू हो गई।
धूल भरी आंधी से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दो घंटे तक चली धूल भरी आंधी से खेतों में खड़े पेड़ टूट कर गिर गए सडक़ों पर पेड़ टूटने से यातायात बाधित हुआ। इसके अलावा खेतों में लगे सौर ऊर्जा संयंत्रों के शीशे टूट गये। ग्रामीण महेंद्र सिंह, विकास कुमार, सुभाष चंद्र, जगदीश ने बताया कि आंधी से नरमें और कपास की फसल को भी नुकसान हुआ है। ट्यूबवेल के सौर ऊर्जा संयंत्रों को नुकसान होने से सिंचाई भी बाधित हो गयी ।इन्होंने भरपाई की मांग की है। इसके अलावा मौसम खराब होने से बिजली आपूर्ति भी पूरी तरह ठप रही।
