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HARYANA में सजावटी मछली पालन के लिए आठ लाख रुपये की परियोजना लागत पर मिलेगी 4.80 लाख रुपये तक सब्सिडी

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A subsidy of up to ₹4.80 lakh will be available for ornamental fish farming on a project cost of ₹8 lakh

mahendra india news, new delhi

स्वरोजगार को बढ़ावा देने और मत्स्य क्षेत्र में नए विकल्प विकसित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 'मध्यम पैमाने की ताजा पानी की सजावटी मछली पालन' इकाइयों की स्थापना के लिए सब्सिडी दी जाती है। इस योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को शेड, प्रजनन इकाइयों और पालन एवं संवर्धन टैंकों जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योजना के तहत प्रति इकाई परियोजना लागत आठ लाख रुपये निर्धारित की गई है

जिस पर सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को लागत का 40 प्रतिशत अर्थात अधिकतम 3 लाख 20 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। वहीं अनुसूचित जाति और महिला लाभार्थियों के लिए यह सहायता लागत का 60 प्रतिशत यानि अधिकतम 4 लाख 80 हजार रुपये तक होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पारंपरिक खेती के साथ सजावटी मछली पालन को भी आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में अपना सकेंगे।

पर्याप्त जल आपूर्ति व 150 वर्ग मीटर खाली भूमि हो

योजना का लाभ केवल हरियाणा के स्थायी निवासियों को मिलेगा। आवेदक के पास वैध परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। इसके अलावा पर्याप्त जल आपूर्ति के साथ कम से कम 150 वर्ग मीटर खाली भूमि उपलब्ध होनी चाहिए। भूमि स्वयं की हो या कम से कम सात वर्ष की अवधि के लिए पंजीकृत पट्टे पर ली गई हो, तभी आवेदन स्वीकार किया जाएगा। आवेदन के साथ लाभार्थी और विभाग के बीच समझौता पत्र, जन्म एवं पहचान प्रमाण, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), मत्स्य पालन प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, भूमि अभिलेख या पंजीकृत पट्टा विलेख, बिल एवं वाउचर, इकाई के साथ लाभार्थी का फोटो, बैंक खाते का विवरण, पैन कार्ड तथा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विस्तृत परियोजना रिपोर्ट जमा करानी होगी।

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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

इस वित्तीय सहायता से इच्छुक लोग कम निवेश में अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे मत्स्य उत्पादन के साथ-साथ सजावटी मछली उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। सजावटी मछली पालन पारंपरिक खेती के मुकाबले अतिरिक्त आय का अच्छा माध्यम बन सकता है। कम भूमि में भी इस व्यवसाय को शुरू किया जा सकता है और उचित प्रबंधन के साथ अच्छा लाभ प्राप्त किया जा सकता है। सरकार की यह पहल युवाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के साथ-साथ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने में भी सहायक साबित हो सकती है।

SIRSA जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सजावटी मछली उत्पादन को बढ़ावा देना, युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना तथा मत्स्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहित करना है। इच्छुक पात्र लाभार्थी जिले के मत्स्य पालन विभाग के कार्यालय से संपर्क कर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।