सिरसा में मुख्य डेरा बाबा भूमणशाह में बाबा भूमणशाह के जन्मोत्सव पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, बाबा ब्रह्मदास महाराज ने किया नि:शुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा व रक्तदान शिविर का शुभारंभ
| Apr 15, 2026, 17:25 IST
Mahendra india news, new delhi
महान उदासीन संत बाबा भूमणशाह महाराज के 339वें पावन जन्मोत्सव पर मुख्य डेरा बाबा भूमणशाह सिरसा में जन्मोत्सव पर आयोजित होने वाले अनेक धार्मिक कार्यक्रमों में शिरकत करने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए श्रद्धालु सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गए थे और बाबा भूमणशाह पूजा स्तंभ पर दिन भर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही और श्रद्धालुओं ने श्रद्धा से शीश नवाया।
घंटियों की घनघनाहट से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस अवसर पर डेरा परिसर को भव्य विद्युत लड़ियों व फूलों से सजाया गया। मुख्य डेरा बाबा भूमणशाह में बुधवार की सुबह श्री अखंड पाठ का भोग डाला गया। इसके पश्चात नि:शुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा व रक्तदान शिविर का शुभारंभ मुख्य डेरा बाबा भूमणशाह के गद्दीनशीन संत बाबा ब्रह्मदास महाराज ने किया। सत्संग में श्रद्धालुओं को प्रवचन करते हुए बाबा ब्रह्मदास महाराज ने कहा कि बाबा भूमणशाह महाराज ने बाल्यवस्था में कठोर तपस्या व भक्ति के बल पर परमात्मा को प्राप्त कर लिया था।
बाबा भूमणशाह महाराज ने मानवता भलाई के अलावा दीन-दुखियों की सेवा, गौमाता की सेवा के अलावा लंगर सेवा शुरू की, ताकि भूखे को भरपेट भोजन मिल सके। बाबा भूमणशाह महाराज ने परिवार की एकता, आपसी भाईचारा, समाज की एकता, देश सेवा व पर्यावरण संदेश आज भी 325 वर्ष बाद भी प्रासंगिक है और बाबा भूमणशाह के मार्ग पर चलकर श्रद्धालु सेवा कार्यों में तन-मन-धन से लगे हुए हैं।
डेरे के सेवक सचिव विनोद एडवोकेट ने बताया कि जन्मोत्सव पर होने वाले अनेक धार्मिक कार्यक्रमों के अलावा सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, लंगर व्यवस्था व रहने व ठहरने की व्यवस्था मुख्य डेरा बाबा भूमणशाह के सेवादारों की ओर से की गई थी और मुख्य डेरा बाबा भूमणशाह की ओर से जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया गया। इस पावन अवसर पर अनेक सामाजिक व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी बाबा ब्रह्मदास महाराज से आशीर्वाद लिया।
महान उदासीन संत बाबा भूमणशाह महाराज के 339वें पावन जन्मोत्सव पर मुख्य डेरा बाबा भूमणशाह सिरसा में जन्मोत्सव पर आयोजित होने वाले अनेक धार्मिक कार्यक्रमों में शिरकत करने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए श्रद्धालु सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गए थे और बाबा भूमणशाह पूजा स्तंभ पर दिन भर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही और श्रद्धालुओं ने श्रद्धा से शीश नवाया।
घंटियों की घनघनाहट से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस अवसर पर डेरा परिसर को भव्य विद्युत लड़ियों व फूलों से सजाया गया। मुख्य डेरा बाबा भूमणशाह में बुधवार की सुबह श्री अखंड पाठ का भोग डाला गया। इसके पश्चात नि:शुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा व रक्तदान शिविर का शुभारंभ मुख्य डेरा बाबा भूमणशाह के गद्दीनशीन संत बाबा ब्रह्मदास महाराज ने किया। सत्संग में श्रद्धालुओं को प्रवचन करते हुए बाबा ब्रह्मदास महाराज ने कहा कि बाबा भूमणशाह महाराज ने बाल्यवस्था में कठोर तपस्या व भक्ति के बल पर परमात्मा को प्राप्त कर लिया था।
बाबा भूमणशाह महाराज ने मानवता भलाई के अलावा दीन-दुखियों की सेवा, गौमाता की सेवा के अलावा लंगर सेवा शुरू की, ताकि भूखे को भरपेट भोजन मिल सके। बाबा भूमणशाह महाराज ने परिवार की एकता, आपसी भाईचारा, समाज की एकता, देश सेवा व पर्यावरण संदेश आज भी 325 वर्ष बाद भी प्रासंगिक है और बाबा भूमणशाह के मार्ग पर चलकर श्रद्धालु सेवा कार्यों में तन-मन-धन से लगे हुए हैं।
डेरे के सेवक सचिव विनोद एडवोकेट ने बताया कि जन्मोत्सव पर होने वाले अनेक धार्मिक कार्यक्रमों के अलावा सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, लंगर व्यवस्था व रहने व ठहरने की व्यवस्था मुख्य डेरा बाबा भूमणशाह के सेवादारों की ओर से की गई थी और मुख्य डेरा बाबा भूमणशाह की ओर से जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया गया। इस पावन अवसर पर अनेक सामाजिक व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी बाबा ब्रह्मदास महाराज से आशीर्वाद लिया।
