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यूरिया खाद घोटाले में दर्ज मुकदमे के आरोपियों की हो तुरंत गिरफ्तारी: लखविंद्र सिंह औलख

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Accused in the urea fertilizer scam case must be arrested immediately: Lakhvinder Singh Aulakh

 mahendra india news, new delhi
भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने मंगलवार को डबवाली में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि गांव पन्नीवाला रूलदु स्थित ई-20 ग्रीन फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड में किसानों के लिए सब्सिडी पर उपलब्ध करवाई जाने वाली एग्रीकल्चर ग्रेड (नीम-कोटेड) यूरिया खाद को कथित रूप से फर्जी तरीके से टैक्निकल ग्रेड के गट्टों में भरकर तथा सीधे 45 किलो वाले सब्सिडी वाले कट्टों में लंबे समय से औद्योगिक उपयोग में लिया जा रहा था।


उन्होंने कहा कि भारतीय किसान एकता की टीम एवं कृषि विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में यूरिया खाद का भंडारण पकड़ा गया था, जिसके आधार पर सदर थाना डबवाली में एफआईआर नंबर 0233 दर्ज की गई। इसके बावजूद अब तक फैक्ट्री मालिकों की गिरफ्तारी नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि किसानों के अधिकारों से जुड़े इस कथित घोटाले में शामिल सभी दोषी लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई हो सके। लखविंदर सिंह औलख ने आरोप लगाया कि ओपन मार्केट सेल्स स्कीम (ओएमएसएस) के तहत भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) से इथेनॉल उत्पादन के लिए लगभग 2320 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदे गए हजारों मीट्रिक टन चावल का नियमानुसार फैक्ट्री में उपयोग करने के बजाय कथित रूप से खुले बाजार में अधिक कीमत पर बेचा गया।

उन्होंने दावा किया कि फरवरी, मार्च तथा जून माह के दौरान कालांवाली स्थित एफसीआई गोदाम से लगभग 5 लाख गट्टे चावल उठाए गए और उन्हें विभिन्न राइस मिलों एवं सैलरों तक पहुंचाया गया। औलख ने आरोप लगाया कि एफसीआई से चावल का उठान ई-20 ग्रीन फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर किया गया, लेकिन उन्हें फैक्ट्री तक ले जाने के बजाय कालांवाली, सिरसा, फग्गू, रोड़ी, मुसाहिबवाला, रामा मंडी, संगत तथा अन्य स्थानों के राइस सैलरों में उतारा गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्रक चालकों से हुई बातचीत में उन्हें बताया गया कि एफसीआई गोदाम से चावल लोड होने के बाद ट्रकों के साथ फैक्ट्री का प्रतिनिधि चलता था और माल को फैक्ट्री की बजाय अन्य स्थानों पर उतरवाता था।

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उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार की कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो इससे किसानों के हित प्रभावित होंगे तथा भविष्य में एमएसपी पर धान खरीद व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। बीकेई प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि इस पूरे मामले की विस्तृत शिकायत एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर हरियाणा के मुख्यमंत्री को उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भेजी गई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि एफसीआई से सरकारी चावल की खरीद एवं उसके उपयोग की स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। बीकेई द्वारा आज एसपी डबवाली को भी इथेनॉल फैक्ट्री द्वारा किए गए सरकारी चावल खरीद घोटाले पर कार्रवाई करवाने के लिए शिकायत पत्र दिया गया है


अंत में लखविंदर सिंह औलख ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यूरिया खाद घोटाले में दर्ज मुकदमे के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तथा सरकारी चावल खरीद से जुड़े कथित मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय किसान एकता गांव पन्नीवाला रूलदु स्थित ई-20 ग्रीन फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य द्वार पर धरना देगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था से संबंधित किसी भी परिस्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन एवं पुलिस की होगी। इस मौके पर बीकेई राज्य कार्यकारिणी सदस्य गुरपिंदर सिंह काहलों, गुरजिंदर सिंह चोरमार, जसबीर सिंह चोरमार, पन्नीवाला रुलदु से कुलदीप सिंह सरां, सोनू सरां, हरपाल सिंह, मौजूद रहे।