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अक्षय तृतीय पर सिरसा में बाल विवाह करवाने वालों पर होगी कार्रवाई, बाल विवाह कानूनन अपराध

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  Action will be taken against those conducting child marriages in Sirsa on Akshaya Tritiya; child marriage is a legal offence.

इस बार अक्षय तृतीय 19 अप्रैल को है। अक्षय तृतीया (आखा तीज) पर परंपरागत रूप से बड़ी संख्या में शादियां होती हैं। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि समाज के सभी वर्ग इस बात का विशेष ध्यान रखें कि 18 वर्ष से कम आयु की लडक़ी तथा 21 वर्ष से कम आयु के लडक़े का विवाह न किया जाए, क्योंकि यह कानूनन अपराध है और इसके लिए सख्त सजा का प्रावधान है। अगर आपके आस पास बाल विवाह होने की जानकारी हो तो यह प्रशासन के साथ जरूर सांझा करें ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
सिरसा की जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. गुरप्रीत कौर ने सभी धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों से भी अनुरोध किया है कि वे विवाह संपन्न करवाते समय वर-वधू की आयु संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करें। बिना आयु प्रमाण के किसी भी विवाह को संपन्न न करवाया जाए, ताकि बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।



उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए सरपंच, पंच, आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर सहित आम नागरिक भी अपने-अपने क्षेत्र में जागरूकता फैलाएं और बाल विवाह को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं। समाज की भागीदारी से ही इस सामाजिक बुराई को समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना मिले, तो इसकी जानकारी तुरंत आंगनवाड़ी वर्कर, सुपरवाइजर या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।