फर्जी जे. ई. बनकर चिकित्सक की जमीन पर अतिक्रमण व सरकारी खाल तोड़ने का आरोप, सिरसा के प्रसिद्ध चिकित्सक डा. भागीरथ सिंह गुलेरिया ने आरोप लगाए
Mahendra india news, new delhi
सिरसा शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डा. भागीरथ सिंह गुलेरिया पुत्र नारायण राम गुलेरिया ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए नगर परिषद व डीटीपी विभाग पर अपनी ही जमीन पर अतिक्रमण करने व सरकारी खाल को तोड़कर नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। इसके साथ-साथ फर्जी जेई के सहारे नगर परिषद पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने के भी गंभीर आरोप जड़े हैं। वहीं मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। मीडिया से मुखातिब होते हुए डा. गुलेरिया ने बताया कि उसकी शांतिनगर, भारतनगर व शिवनगर के बीच में उसकी भूमि है। उसने बताया कि मेरी भूमि के आसपास कुछ लोगों ने अवैध कॉलोनी काटी हुई है, जिसका अभी कोई रास्ता नहीं है। इस अवैध कॉलोनी की डीटीपी ने स्वयं कोर्ट को दिए अपने जवाब में पुष्टि की है।
डीटीपी ने लिखा है कि आज न तो कल सरकार द्वारा इन कॉलोनियों को नियमित कर ही दिया जाएगा, जिससे ये स्पष्ट होता है कि विभाग के अधिकारी भी इसमें मिले हुए हैं और वे खुद अतिक्रमण के साथ-साथ भूमाफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं। डा. गुलेरिया ने बताया कि फरवरी माह में उसके पास नगर परिषद में पत्र आया कि आपने अवैध निर्माण किया हुआ है। इसके बाद उन्होंने पत्र का जवाब में कहा कि जो भी निर्माण किया गया है, वो वाजिब है और मेरी अपनी भूमि में है।
लोक अदालत में केस लगा हुआ है और 19 मई को सुनवाई थी, लेकिन पीछे से मुकेश कुमार नाम का व्यक्ति आता है, जो अपने आप को नगर परिषद का जे. ई. बता रहा था। वह उसके खेत में बिना नम्बर की जेसीबी लेकर 5-6 अन्य लोगों के साथ मिलकर आया और सरकारी खाल को नाजायज रूप से तोड़ दिया। यही नहीं धक्केशाही करके वहां पोल गाड़ दिए। यही नहीं खाल पर जो वन विभाग के लाखों रुपए के पेड़ लगे थे, वो भी गिराकर ले गए।
जब मैंने उक्त मुकेश कुमार के नंबर से उसकी जांच की तो उसमें मुकेश कासनियां लिखा आ रहा है, जोकि फर्जी है। शक होने पर मैंने नगर परिषद सिरसा में जाकर पता किया तो पता लगा कि मुकेश कुमार नाम का कोई भी जेई नगर परिषद सिरसा में नहीं है। इस संबंधी एसपी को भी शिकायत दी गई है, ताकि अपने आप का जेई बताने वाले मुकेश कुमार पर कार्रवाई हो सके। डा. गुलेरिया ने कहा कि इन लोगों का प्रताड़ित करनेका एक ही मकसद है कि किसी तरह से मुझसे ये जमीन छुड़वाई जाए, ताकि वो रास्ता बनाकर अपना कॉलोनी काटने का उल्लू सीधा कर सकें।
हालांकि उन्होंने कोर्ट के उस पत्र का भी हवाला दिया, जिसमें ये साफ कहा गया कि कृषि योग्य भूमि पर कॉलोनी नहीं काटी जा सकती, जोकि सीधे तौर पर कोर्ट के आदेशों की अवमानना है। डा. गुलेरिया ने कहा कि इतना कुछ होने के बाद और तमाम अधिकारियों को शिकायत देने के बाद भी ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अधिकारी किसी राजनीतिक दबाव या बड़े गिरोह के दबाव में है और सबकुछ जानते हुए भी उसके खिलाफ ही कार्रवाई पर आमादा हैं। उन्होंने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, लेकिन वह अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे और जितनी भी लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी, वो आखिरी सांस तक लड़ेंगे।
