नाथूसरी कलां में पेयजल पाइप लाइन दबाने में धांधली का आरोप, ग्रामीणों ने जनस्वास्थ्य विभाग से की शिकायत
Allegations of fraud in laying drinking water pipelines in Nathusari Kalan, villagers complain to the Public Health Department
गांव नाथूसरी कलां में पीने के पानी की पाइप लाइन डालने के कार्य में भारी अनियमितताओं और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। इसे लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष है। ग्रामीणों ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिशासी अभियंता (sirsa) को लिखित शिकायत भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नियमों को ताक पर रखकर किया गया कार्य
ग्रामीण सुखराम और नरेंद्र कासनिया द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया है कि गांव में पीने के पानी के लिए जो पाइप लाइन दबाई गई है, वह निर्धारित नियमों के अनुसार नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपों को पर्याप्त गहराई पर नहीं दबाया गया है, जिससे उनके जल्द टूटने का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा, पाइप लाइन बिछाने में तकनीकी मानकों की पूरी तरह से अनदेखी की गई है।
सप्लाई शुरू होने से पहले ही फेल हुए कनेक्शन
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि पाइप लाइन और घरों में किए गए कनेक्शनों में इस्तेमाल की गई सामग्री (पाइप, फेरुल आदि) अत्यंत घटिया स्तर की है। आलम यह है कि अभी गांव में पानी की सप्लाई पूरी तरह शुरू भी नहीं हुई है और उससे पहले ही कई जगह से कनेक्शन लीक होकर गल गए हैं और फेरुल खुल चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, ठेकेदार द्वारा किया गया कार्य पूरी तरह से अपूर्ण और गैर-पेशेवर है।
लाइसेंस रद्द करने और दोबारा काम करवाने की मांग
ग्रामीणों ने विभाग से पुरजोर मांग की है कि:
* पुरानी पाइपों को उखाड़कर दोबारा सही मापदंड और गहराई के साथ दबाया जाए।
* सभी कनेक्शनों में अच्छी कंपनी की 'ISI' मार्क वाली सामग्री का प्रयोग किया जाए।
* संबंधित कार्य करने वाली एजेंसी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाए।
* लापरवाह एजेंसी का लाइसेंस/लाइसेंस रद्द कर उससे रिकवरी की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान कर गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं किया गया, तो वे आगे की कार्रवाई के लिए मजबूर होंगे।
