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सिरसा में डेरा श्रद्धालुओं की सेवा से 3 महीने से लापता बुजुर्ग पिता परिवार से मिले, बेटे की आंखों में छलके खुशी के आंसू

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An elderly father, missing for three months, reunited with his family thanks to the care provided by Dera followers in Sirsa; tears of joy welled up in his son's eyes

mahendra india news, new delhi

तीन महीने से पिता की तलाश में भटक रहे परिवार की उम्मीदें लगभग टूट चुकी थीं। हर गुजरते दिन के साथ उनकी वापसी की आस धुंधली पड़ती जा रही थी, लेकिन सिरसा के अहमदपुर दारेवाला में डेरा श्रद्धालुओं की सेवा भावना ने परिवार को फिर से खुशियां लौटा दीं। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा दी गई मानवता भलाई और निस्वार्थ सेवा की प्रेरणा से सेवादारों ने खेत की मेढ़ पर बदहाल हालत में मिले मानसिक रूप से परेशान बुजुर्ग अवधेश कुमार को सहारा दिया।

उनकी देखभाल की और पुलिस के सहयोग से परिजनों का पता लगाकर उन्हें अपनों से मिलवा दिया। पिता को सुरक्षित देखकर बेटे की आंखें खुशी से छलक उठीं। डेरा श्रद्धालु बसंत सिंह इन्सां ने बताया कि गांव गोरीवाला के नजदीक एक खेत की मेढ़ पर बुजुर्ग दयनीय हालत में बैठे मिले थे। गांव मोड़ी के सेवादार तेजा सिंह इन्सां की नजर उन पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना दर्शन इन्सां को दी।

इसके बाद सेवादार बुजुर्ग को एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केंद्र अलखपुर धाम, अहमदपुर दारेवाला लेकर पहुंचे। यहां उन्हें नहलाकर साफ कपड़े पहनाए गए और भोजन व रहने की व्यवस्था की गई। साथ ही उनके परिवार का पता लगाने के प्रयास शुरू किए गए। बातचीत के दौरान बुजुर्ग ने अपना नाम अवधेश कुमार पुत्र ननका निवासी काराकांध धाता, जिला फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) बताया। इसके बाद सेवादारों ने पुलिस के सहयोग से उनके परिजनों से संपर्क साधा। सूचना मिलने पर बुजुर्ग के बेटे कुबेर और दामाद राकेश कुमार व आशीष कुमार देर रात अहमदपुर दारेवाला स्थित मानवता भलाई केंद्र पहुंचे।
 

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3 माह पहले लुधियाना से हुए थे लापता
बुजुर्ग के बेटे कुबेर ने बताया कि उनके पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। करीब तीन माह पहले वे उत्तर प्रदेश से लुधियाना स्थित उनके पास आए हुए थे। एक दिन सुबह घर से बाहर निकले, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण लापता हो गए। परिवार ने उनकी काफी तलाश की, मगर कोई सुराग नहीं मिला। इस दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर उनके पिता के जम्मू-कश्मीर में होने की सूचना दी और अपने खाते में रुपये जमा करवाने की बात कही। परिजन बताए गए पते पर पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने पर फोन करने वाले ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। काफी तलाश के बाद उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। कुबेर ने
बताया कि जब उन्हें पिता के सिरसा जिले के अहमदपुर दारेवाला में होने की सूचना मिली तो शुरूआत में उन्हें विश्वास नहीं हुआ। हालांकि मानवता भलाई केंद्र पहुंचकर पिता को सुरक्षित देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने बताया कि सेवादारों ने उनके पिता की जिस तरह देखभाल की और उन्हें घर जैसा माहौल दिया, उससे पूरा परिवार भावुक हो गया।

 

सास के निधन के बाद प्रभावित हुई थी मानसिक स्थिति
बुजुर्ग के दामाद राकेश कुमार ने बताया कि उनकी सास के निधन के बाद अवधेश कुमार की मानसिक स्थिति प्रभावित हो गई थी। मानसिक परेशानी के चलते वे अक्सर घर से बाहर चले जाते थे। इस बार भी वे करीब तीन माह से लापता थे। उन्होंने डेरा श्रद्धालुओं की निस्वार्थ सेवा भावना की सराहना करते हुए पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां और सभी सेवादारों का तहेदिल से आभार व्यक्त किया। परिजनों ने कहा कि सेवादारों ने संकट की इस घड़ी में उनके बुजुर्ग की देखभाल कर परिवार को बड़ी राहत दी है। उन्होंने इस सेवा कार्य को मानवता, भाईचारे और परोपकार की मिसाल बताया। इस सेवा कार्य में ब्लॉक प्रेमी सेवक अनिल इन्सां, जसवीर सिंह इन्सां, लक्खा इन्सां, गुरप्रीत इन्सां और कृष्ण इन्सां सहित अन्य सेवादारों ने सहयोग दिया।