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नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव की बेटी आरजू सहारण की दोहरी सफलता, बीएससी नर्सिंग में ऑल इंडिया 55वीं रैंक, नीट-2026 यूजी में भी 604 अंक हासिल कर बढ़ाया मान

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Arju Saharan, daughter of a village in the Nathusari Chaupata area, achieved double success, securing 55th rank in B.Sc. Nursing and also achieving 604 marks in NEET-2026 UG

mahendra india news, new delhi

सिरसा जिले में नाथूसरी चोपटा क्षेत्र के गांव शक्कर मंदोरी  की होनहार बेटी आरजू सहारण ने। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली आरजू ने अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और लगन के दम पर पूरे देश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। आरजू सहारण ने ऑल इंडिया बीएससी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा  में देशभर में 55वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे गांव, क्षेत्र और जिले का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही उसने नीट-2026 यूजु में 604 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया 8779वीं रैंक हासिल की है। एक साथ दो प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन ने आरजू को क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा बना दिया है।


आरजू ने बताया कि नीट की पहली परीक्षा में उसके 680 अंक आए थे, लेकिन बाद में वह परीक्षा रद्द हो गई। यह किसी भी विद्यार्थी के लिए बड़ा झटका हो सकता था, लेकिन उसने निराश होने के बजाय अपनी तैयारी पहले से अधिक मजबूत कर दी। दोबारा पूरी लगन से परीक्षा की तैयारी की और फिर से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 604 अंक हासिल किए। आरजू का कहना है कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी लगातार मेहनत करते रहने से मिलती है। उन्होंने बताया कि बीएससी नर्सिंग के लिए देशभर में करीब 1200 सीटों पर प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। ऐसे कड़े मुकाबले में ऑल इंडिया 55वीं रैंक प्राप्त करना उनके लिए गर्व और खुशी का विषय है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के निरंतर सहयोग को दिया है।  


आरजू ने बताया कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के दौरान प्रतिदिन 12 से 15 घंटे नियमित अध्ययन किया। समय का सही प्रबंधन, लगातार अभ्यास और आत्मविश्वास ने उन्हें यह मुकाम दिलाया। उनका मानना है कि यदि लक्ष्य तय हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी सफलता दूर नहीं रहती ।  आरजू के पिता सुभाष सहारण खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि माता अनिता सहारण स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटी की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। माता-पिता के प्रोत्साहन और विश्वास ने आरजू को लगातार आगे बढऩे की प्रेरणा दी।

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दादा बोले- पोती ने पूरे परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया

आरजू के दादा भादर सहारण ने कहा कि पोती की सफलता पूरे परिवार के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि एक साथ दो बड़ी परीक्षाओं में शानदार सफलता हासिल करना आसान नहीं होता। आरजू ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत और दृढ़ संकल्प के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।

गांव में खुशी का माहौल
आरजू की इस उपलब्धि पर गांव शक्कर मंदोरी में खुशी का माहौल है। परिजनों के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों ने भी बेटी की सफलता पर गर्व व्यक्त किया। इस अवसर पर जगदीश सहारण, रामसिंह, प्रवीण, अशोक, शारदा, मनीष, सतवीर सिंह पत्रकार, जॉनी शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोगों ने आरजू सहारण को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

आरजू की सफलता ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीण परिवेश की बेटियां भी कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। उनकी उपलब्धि निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी।