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सिरसा में अटल टिंकरिंग लैब प्रशिक्षण सम्पन्न, शिक्षकों को मिला तकनीकी प्रशिक्षण शिक्षकों ने सीखी रोबोटिक्स और अक की तकनीकें

Atal Tinkering Lab training concludes in Sirsa, providing technical training to teachers. Teachers learned robotics and AI techniques.
 
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  सिरसा में अटल टिंकरिंग लैब प्रशिक्षण सम्पन्न, शिक्षकों को मिला तकनीकी प्रशिक्षण शिक्षकों ने सीखी रोबोटिक्स और अक की तकनीकें

mahndra india news
एटीएल लैब्स से जुड़ेंगे बच्चे, सीखेंगे भविष्य की तकनीकें
सिरसा। जिले में 12 मई से 15 मई 2026 तक उन 26 विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों हेतु अटल टिंकरिंग लैब  प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जहां अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की गई हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन दो केंद्रों राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिरसा एवं राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंडी डबवाली में किया गया।

दोनों केंद्रों पर 13-13 विद्यालयों से प्रत्येक विद्यालय के दो शिक्षकों एवं प्राचार्यों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों एवं प्राचार्यों को अटल टिंकरिंग लैब के उद्देश्य, उपयोग, नवाचार आधारित गतिविधियों, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा स्टेम शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण पद्धतियों एवं विद्यार्थियों में नवाचार की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

15 मई को प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंडी डबवाली में आयोजित अटल टिंकरिंग लैब प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिरकत की। उनके साथ खंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र जाखड़ एवं जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों एवं प्राचार्यों से संवाद कर प्रशिक्षण संबंधी अनुभव एवं फीडबैक प्राप्त किया। अपने संबोधन में जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला ने कहा कि शिक्षक यहां से जो भी ज्ञान एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं,

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उसे विद्यालय स्तर पर अवश्य लागू करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नवाचार एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। बच्चों में वैज्ञानिक सोच, तकनीकी कौशल एवं इनोवेटिव दृष्टिकोण विकसित किया जाए ताकि वे नई-नई स्किल सीखकर भविष्य में आत्मनिर्भर एवं सफल बन सकें। इस अवसर पर सभी शिक्षकों का आह्वान किया गया कि वे अपने-अपने विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को नवाचार, वैज्ञानिक सोच एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ें तथा उन्हें भविष्य का इनोवेटर बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता एवं तकनीकी कौशल विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।