SIRSA में गीता आधारित क्वीज में आयुष तो प्रदर्शनी में शिक्षा विभाग की स्टॉल रही प्रथम
Mahendra india news, new delhi
चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के मल्टीपर्पज हॉल में पिछले चार दिनों से आयोजित किए जा रहे जिला स्तरीय गीता महोत्सव का सोमवार को समापन हुआ। गीता महोत्सव के अंतिम दिन जहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियां व कॉरियोग्राफी मनमोहक रही, वहीं श्रीमद्भगवद् गीता आधारित प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिता व गीता उद्बोधन में श्रीमद्भगवद् गीता के बारे में श्रोताओं को जानने का मौका मिला। साथ ही विभागीय प्रदर्शनी भी आमजन को सरकार की योजनाओं की जानकारी देने में सार्थक सिद्ध हुई।

जिला स्तरीय गीता महोत्सव के समापन अवसर पर जिलाध्यक्ष भाजपा डबवाली रेणु शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि व पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने बतौर विशिष्टï अतिथि कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर पूर्व सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी, हरविंद्र सिंह रोड़ी, सतेंद्र गर्ग ओढां सहित भारी संख्या में आमजन, स्कूलों के विद्यार्थी, अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। मुख्यातिथि व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉलों का अवलोकन भी किया। जिला परिषद के सीईओ डा. सुभाष चंद्र ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

मुख्यातिथि जिलाध्यक्ष भाजपा डबवाली रेणु शर्मा ने कहा कि श्रीमद्भगवद गीता में जीवन का संपूर्ण ज्ञान और सत्य छिपा हुआ है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए उपदेश न केवल हमें धर्म और संस्कारों के मार्ग पर आगे बढऩे की प्रेरणा देते हैं, बल्कि सही और गलत के बीच अंतर समझने का भी विवेक प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि गीता का अध्ययन बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि उसके शब्दों में जीवन जीने का सार और श्रेष्ठ संदेश समाहित है। इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे हमें बुराइयों के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा मिलती है और सही मार्ग अपनाने की शक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि विदेशों में संस्कारों की कमी देखी जाती है, लेकिन भारत में आज भी हमारे प्राचीन ग्रंथ और संस्कृति जीवन मूल्यों को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने गीता महोत्सव के सफल संचालन पर जिला प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि गीता का संदेश यही है कि हम अपने संस्कारों को न भूलें, अच्छाई के मार्ग पर चलें और जो भी कर्म हमें करना है, उसे बिना किसी स्वार्थ के करें। गीता में स्पष्ट बताया गया है कि कर्म करते रहो, फल की चिंता मत करो। यदि हम न्याय को सामने रखकर कार्य करते हैं, तो हम कभी गलत नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि आज के समय में कई शिक्षाएँ अत्यंत महत्त्वपूर्ण हो जाती हैं। जैसे बुजुर्गों का सम्मान करना, नारी शक्ति का सम्मान करना। यदि बचपन से ही यह संस्कार दिए जाएँ कि नारी शक्ति देवी शक्ति है और उसका अनादर नहीं किया जा सकता, तो महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराध स्वत: कम हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि नशा, जुआ जैसे बुराइयों से दूर रहना चाहिए। बच्चों को भी मोबाइल का उपयोग अभिभावकों की मौजूदगी में ही करना चाहिए ताकि किसी प्रकार के ऑनलाइन स्कैम से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में केवल सच्चाई, सद्कर्म और अहिंसा के मार्ग को अपनाना चाहिए, ताकि हमारा देश प्रगति करे और हम सब खुशहाल जीवन व्यतीत कर सकें। सीडीएलयू से डा. राकेश कुमार ने श्रीमद्भागवद् गीता पर व्याख्यान किया।
श्रीमद्भगवद् गीता आधारित प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिता में आयुष विभाग की टीम रही प्रथम
इस अवसर पर श्रीमद्भगवद् गीत पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न 12 विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का संचालन प्रमोद मोहन गोतम व हरिओम भारद्वाज ने किया। प्रतियोगिता में आयुष विभाग की टीम प्रथम, स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वितीय व महिला एवं बाल विकास विभाग विभाग की टीम तृतीय स्थान पर रही।
शिक्षा विभाग की प्रदर्शनी रही प्रथम
चार दिवसीय गीता महोत्सव में 22 विभागों द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के लिए प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। निर्णायक मंडल ने शिक्षा विभाग की प्रदर्शनी को प्रथम, वन विभाग को द्वितीय तथा पुलिस विभाग की यातायात प्रदर्शनी को तृतीय स्थान दिया। निर्णायक मंडल की भूमिका सीडीएलयू से जनसंपर्क विभाग के निदेशक डा. अमित सांगवान, जिला खजाना अधिकारी नरेंद्र ढुल ने निभाई।
शिक्षा विभाग द्वारा अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव के उपलक्ष्य में राजकीय स्कूलों में कक्षा छह से आठ व कक्षा नौ से 12वी की श्रीमद्भगवद् गीता आधारित निबंध, भाषण, श£ोकोच्चारण, संवाद, पेंटिंग व क्वीज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को कार्यक्रम के अंतिम दिन सम्मानित किया गया।
महोत्सव के अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी गीता के संदेश की झलक:
गीता महोत्सव के अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। इस अवसर पर सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय सिरसा के 51 विद्यार्थियों ने गीता श्लोकों का वाचन किया। जिला स्तरीय समारोह के अलावा जिला के राजकीय स्कूलों के 11 हजार विद्यार्थियों ने वैश्विक श्चलोकोच्चारण किया। इसके उपरांत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिकंदरपुर के बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। साथ ही सेंट जेवियर स्कूल सिरसा के विद्यार्थियों ने भरत नाट्यम - कृष्ण शिव, गुरु नानक पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने कोरियोग्राफी - महाभारत, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नाथूसरी कलां के विद्यार्थियों ने श्री राम स्तुति - तुन ही तो धर्म को बचाना है, डीएवी सेंचुरी पब्लिक स्कूल सिरसा के विद्यार्थियों ने कोरियोग्राफी - गोविंद लेनो मोल, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मेला ग्राउंड सिरसा के विद्यार्थियों ने रासलीला - हाथी घोड़ा पालकी, डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, सिरसा के विद्यार्थियों ने कृष्ण-अर्जुन संवाद प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डीएवी पब्लिक स्कूल सिरसा की छात्रा पुर्णिता ने मनमोहक नृत्य व भजन की प्रस्तुति दी। साथ ही कृष्णा आर्ट ग्रुप के कलाकारों ने राधा-कृष्ण नृत्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जीयो गीता परिवार की बहनों ने गीता पाठ किया।
सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं का रहा विशेष योगदान:
इस चार दिवसीय समारोह में शहर की 35 से भी अधिक संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान से बहन साध्वी पूजा भारती व साध्वी विष्णु अर्चना भारती ने श्रीमद्भगवद् गीता की आरती की। गौरतलब है कि इस चार दिवसीय महोत्सव में शहर की सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं का विशेष योगदान दिया जा रहा है। महोत्सव के अंतिम दिन गुरुद्वारा श्री चिल्ला साहिब सिरसा द्वारा लंगर सेवा लगाई गई। कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले स्कूली बच्चों, मुख्य वक्ता, सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में मंच संचालन सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग से अधीक्षक मक्खन सिंह व हिंदी प्रवक्ता चिमन भारतीय ने किया।
महोत्सव में जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता साईं, उप जिला शिक्षा अधिकारी विनोद श्योराण, जिला रेडक्रॉस सचिव लाल बहादुर बैनीवाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान ढिलौड, एओ प्रेम कुमार, नक्षत्र सिंह, सरपंच प्रगट सिंह, बृजमोहन शर्मा, प्रमोद कंबोज, अजीत सिंह चौटाला, सरपंच बरासरी अमर सिंह, डा. दलबीर सिंह, बिमला सिंवर, सरपंच राजपुरा चंद्र सिंह भाटी, सरपंच चौटाला सुभाष चंद्र, सरपंच गंगा हरचरण सिंह, सरपंच पन्नीवाला प्रदीप बैनीवाल, सरपंच भारुखेड़ा राम निवास मौजूद रहे।
फोटो संलग्र है।
