भादरा की बेटी विजेता चौहान बनी आरपीएस (डीएसपी), ऐसे हासिल की विजेता ने मंजिल हासिल
| Apr 19, 2026, 12:04 IST
mahendra india news, new delhi
राजस्थान में हनुमानगढ़ जिला के भादरा की होनहार बेटी विजेता चौहान ने राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परिणाम में आरपीएस (राजस्थान पुलिस सेवा) में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) पद पर चयन हुआ है। विजेता चौहान ने ऐसा कर अपने स्वजनों और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आपको बता दें कि विजेता चौहान, भादरा कस्बे के वार्ड नं 34 के निवासी प्यारे लाल चौहान की बेटी हैं
विजेता की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है और पूरे क्षेत्र में गर्व की भावना देखने को मिल रही है। उनके चयन की खबर मिलते ही रिश्तेदारों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने परिवार को बधाई दी।
विजेता चौहान ने डीएसपी के पद पर चयनीत होने पर अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और लगातार की गई मेहनत को दिया। उन्होंने बताया कि लक्ष्य के प्रति समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास से ही यह मंजिल हासिल की जा सकती है।
विजेता चौहान की सफलता पर लोगों का कहना है कि विजेता की यह उपलब्धि अन्य युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी। विजेता का बड़ा भाई जुगल चौहान एसीटीओ नोहर व छोटा भाई बसन्त चौहान टीचर के पद पर कार्यरत है। विजेता की इस उपलब्धि पर भादरा व नोहर निवासियों व अरविंद भाटिया ने खुशी जताई है। गौतलब है कि विजेता वर्तमान में राज्य लेखा सेवा में अधिकारी वर्ग के प्रशिक्षण के लिए जयपुर स्थित ओटीएस में प्रशिक्षु है।
राजस्थान में हनुमानगढ़ जिला के भादरा की होनहार बेटी विजेता चौहान ने राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परिणाम में आरपीएस (राजस्थान पुलिस सेवा) में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) पद पर चयन हुआ है। विजेता चौहान ने ऐसा कर अपने स्वजनों और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आपको बता दें कि विजेता चौहान, भादरा कस्बे के वार्ड नं 34 के निवासी प्यारे लाल चौहान की बेटी हैं
विजेता की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है और पूरे क्षेत्र में गर्व की भावना देखने को मिल रही है। उनके चयन की खबर मिलते ही रिश्तेदारों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने परिवार को बधाई दी।
विजेता चौहान ने डीएसपी के पद पर चयनीत होने पर अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और लगातार की गई मेहनत को दिया। उन्होंने बताया कि लक्ष्य के प्रति समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास से ही यह मंजिल हासिल की जा सकती है।
विजेता चौहान की सफलता पर लोगों का कहना है कि विजेता की यह उपलब्धि अन्य युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी। विजेता का बड़ा भाई जुगल चौहान एसीटीओ नोहर व छोटा भाई बसन्त चौहान टीचर के पद पर कार्यरत है। विजेता की इस उपलब्धि पर भादरा व नोहर निवासियों व अरविंद भाटिया ने खुशी जताई है। गौतलब है कि विजेता वर्तमान में राज्य लेखा सेवा में अधिकारी वर्ग के प्रशिक्षण के लिए जयपुर स्थित ओटीएस में प्रशिक्षु है।
