भाविप मातृ शक्ति सिरसा शाखा ने सावित्री बाई फुले का मनाया जन्मदिवस
mahendra india news, new delhi
भारत विकास परिषद शाखा सिरसा मातृ-शक्ति द्वारा 19वीं सदी में भारत में बालिका शिक्षा की अलख जगाने वाली शिक्षा की ज्योति पुंज सावित्री बाई फुले के जन्मदिवस को बड़ी श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया। इस अवसर पर गतिविधि संयोजक महिला सहभागिता सुमन गौतम ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे आदि काल की समृद्ध भारतीय संस्कृति मध्यकाल में विदेशी आक्रांताओं द्वारा नष्ट-भष्ट कर दी गयी थी।
अंग्रेजों के राज एवं आतंक के कारण वह देश जिसमें नारी सदैव पूजनीय रही, जहां गार्गी, मैत्रेयी, लोपामुद्रा तथा विद्योतमा जैसी विदुषियां जो ज्ञान तथा तर्क में निपुण एवं शास्त्र चर्चाएं करती थी। उस देश में मुगलकाल में बालिका शिक्षा पूरी तरह प्रतिबंधित सी हो गयी थी। ऐसे में अंग्रेजों के शासन के दौरान देश में सावित्री बाई फुले तथा ज्योति बा फुले ने बालिका शिक्षा की मशाल उठाकर पुणे में पहला बालिका विद्यालय खोला।
उनके लम्बे संघर्षमय आंदोलन के परिणाम स्वरूप आज हमारा देश बालिका शिक्षा में फिर अपने स्वर्णिम दौर में चल रहा है। तत्पश्चात संगीता जिंदल ने भी सावित्री बाई फुले के जीवन से जुड़ी जानकारियां सांझी की तथा तथा सविता बंसल ने उपस्थित सभी सदस्यों से उनके जीवन से जुड़े प्रश्न पूछे तथा सही उत्तर देने वाले सदस्यों को पुरस्कार दिए। प्रश्नोत्तरी के पश्चात भाविप मातृशक्ति ने जपनीत कौर, प्राचार्या महाराजा अग्रसेन कन्या वमावि, सिरसा को बालिका शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य हेतु सावित्री बाई फुले सम्मान से समानित किया।
इसी कड़ी में परिषद द्वारा गोद लिए गांव बनसुधार के बीस बच्चों ने सावित्री बाई फुले के जीवन पर आधारित पेंटिंग, निबन्ध एवं कविता लेखन कार्यक्रम में भाग लिया। उन्हें विद्यालय में जाकर सम्मानित किया जायेगा। इस कार्यक्रम में शाखा अध्यक्ष सविता बंसल, गतिविधि संयोजक महिला सहभागिता सुमन गौतम, गतिविधि संयोजक सेवा कुसुम गोयल, पुष्पा सिंगला, संगीता जिंदल, कमलेश सिंगला, वीना मेहता, सुषमा गुप्ता, रेणु शर्मा, अनिता एवं कमला आदि उपस्थित थे।
