भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने सिरसावासियों को आ रही समस्याओं के समाधान की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से रखी मांग
mahendra india news, new delhi
सिरसा में जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से संवाद किया। एक दिवसीय दौरे पर सिरसा आए मुख्यमंत्री का गोबिंद कांडा ने पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया। साथ ही लंबित पड़ी बुनियादी समस्याओं के समाधान को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने मुख्यमंत्री के समक्ष मांगे रखी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज सिरसा जिला के दौरे पर थे। सिरसा वायुसेना केन्द्र पहुंचने पर वरिष्ठ भाजपा नेता गोबिंद कांडा व समर्थकों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
इसके बाद जिला लोकसंपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिकायतों का निवारण किया। बैठक के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने शहरवासियों को जिन समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है उनके समाधान की मांग रखी। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री भाई गोपाल कांडा ने समय समय पर सरकार का ध्यान इन समस्याओं की ओर दिलवाया है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के ने भी पूर्व मंत्री भाई गोपाल कांडा के प्रयासों से थेहड़ विस्थापितों की समस्या का समाधान के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। इस बारे में निर्णय भी हो गया था लेकिन समस्या यथावत है।
मुख्यमंत्री ने गोबिंद कांडा को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही सभी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे और सिरसा की जनता की सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
वरिष्ठ भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने बताया कि सिरसा शहर और उसके आसपास के ग्रामीण अंचल में गहराते बिजली और पेयजल संकट से लेकर थेहड़ विस्थापितों के स्थायी पुनर्वास, हाउसिंग बोर्ड में रह रहे लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा रानियां रोड को डबवाली रोड से जोड़ने वाले लाइफलाइन बाईपास के निर्माण जैसे अति-महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। सिरसा शहर के विभिन्न वार्डों और शहरी सीमाओं से सटे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की लचर स्थिति इस समय सबसे बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। सिरसा के अधिकांश वार्डों में अघोषित बिजली कटौती ने नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। भयंकर गर्मी और उमस के इस मौसम में बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली गुल रहने से न केवल आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है।बिजली संकट के साथ-साथ पेयजल की किल्लत और उसकी गुणवत्ता एक बड़ा स्वास्थ्य संकट पैदा कर रही है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा कई वार्डों में दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है। नलों से आने वाले मटमैले और दुर्गंधयुक्त पानी के कारण शहर के बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं लगातार मौसमी तथा पेट जनित बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। गोबिंद कांडा ने मांग की कि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान करवाया जाए। अधिकारियों को इस बारे में समुचित आदेश दिए जाएं।
वरिष्ठ भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने थेहड़ विस्थापन का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया। थेहड़ क्षेत्र से हटाए गए सैकड़ों परिवार लंबे समय से अपने स्थायी आशियाने की आस में दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। हालांकि, प्रशासन और सरकार द्वारा इन विस्थापितों को सलारपुर गांव के समीप 100-100 गज के प्लॉट आवंटित करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन प्रशासनिक कछुआ चाल के कारण यह प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है। मुख्यमंत्री के समक्ष मांग रखी गई कि शीघ्र ही थेहड़ विस्थापितों को प्लाट अलाॅट किए जाएं। साथ ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अवगत करवाया गया कि करीब 750 परिवारों को थेहड़ से विस्थापित कर सेक्टर 19 में बने हाउसिंग बोर्ड के फ्लैटों में रखा गया है। इन फ्लैटों में सुविधाओं का अभाव है, लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इनकी समस्याओं का समाधान करवाया जाए।
इसी के साथ शहर को ट्रैफिक जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने और वाणिज्यिक वाहनों के सुगम आवागमन के लिए रानियां रोड को डबवाली रोड से जोड़ने वाले बाईपास का निर्माण बेहद जरूरी हो चुका है। वर्तमान में रानियां और डबवाली की तरफ से आने वाले भारी वाहन (जैसे ट्रक, ट्राले और डंपर) शहर के बीच से होकर गुजरते हैं। इसके कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। भारी वाहनों की वजह से शहर के भीतर सड़क हादसे होने का अंदेशा भी लगातार बना रहता है और वायु व ध्वनि प्रदूषण में भारी इजाफा हो रहा है। गोबिंद कांडा ने मांग की है कि रानियां रोड से डबवाली रोड को जोड़ने वाला बाईपास का शीघ्र निर्माण करवाया जाए।
