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गांव पनिहारी में मिशन लाइफ 2.0 के तहत गूंजी पर्यावरण बचाने की पुकार

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Call to save environment echoed in village Panihari under Mission Life 2.0

mahendra india news, new delhi
मिट्टी पुकार रही है, आज हर बूंद बचानी होगी, अगर कल मुस्कुराना है, तो आज हरियाली सजानी होगी। कहते हैं, जब इंसान की प्यास और कुदरत का दर्द एक हो जाता है तो वहां से बदलाव की लहर शुरू होती है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पनिहारी में इको क्लब फॉर मिशन लाइफ -2.0 और राष्ट्रीय आविष्कार सप्ताह के अंतर्गत समाजसेवी संस्था मानव सेवा समिति ने जल और पर्यावरण संरक्षण का अलख जगाई तो माहौल केवल एक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि अपनी माटी को बचाने की एक भावुक प्रार्थना बन गया। धरती मां की सिसकियां और एक तपस्वी का दर्द कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, साइकिल यात्री सुभाष चंद्र, जो न थके हैं और न रुके हैं, उन्होंने जब अपनी साइकिल यात्रा के अनुभवों के साथ सूखती नदियों और कटते जंगलों का जिक्र किया, तो हॉल में सन्नाटा छा गया। उन्होंने समझाया कि पर्यावरण की रक्षा कोई अहसान नहीं, बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ी को ज़हर से बचाने की कोशिश है।


जल ही जीवन हैं, जल ही कलश है:
जल एवं स्वच्छता मिशन के जिला सलाहकार राकेश सोगलान और रमेश कुमार (बीआरसी) ने पानी के गिरते स्तर पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज हम जिस पानी को बर्बाद कर रहे हैं, वह आने वाले समय में बच्चों की आंखों के आंसू बनकर बहेगा। वक्ताओं ने जब जल की एक-एक बूंद की अहमियत बताई, तो बच्चों की आंखों में अपनी धरती मां के प्रति मोह साफ देखा गया। जल संरक्षण के साथ-साथ नशे के विरुद्ध और देशभक्ति के संकल्प ने इस सत्र को और भी भावुक बना दिया।


बच्चों ने ली पर्यावरण सुरक्षा की भावपूर्ण शपथ:
प्रिंसिपल शालू भारद्वाज और इको क्लब इंचार्ज शिखा मेहता के मार्गदर्शन में स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों ने शपथ ली कि वे अब जन्मदिन पर केक नहीं, बल्कि एक यादगार पौधा लगाएंगे। समाजसेवी संस्था के सचिव संदीप बांसल ने कहा कि विरासत में मिली जमीन और पैसा खत्म हो सकता है, लेकिन अगर हम बच्चों को साफ हवा और पानी दे गए, तो यही उनकी सबसे बड़ी वसीयत होगी।

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मंच से गूंजी बदलाव की आवाज:
कुलदीप सिंह ने अपने शब्दों से पूरे माहौल को भक्ति और शक्ति के भाव से भर दिया। कार्यक्रम में सुनील गोदारा, अमित पारीक, दीपक कुमार, संतोष मेहला, नेहा भानुशाली, बाला रानी, किरण और दिव्या सहित पूरे स्टाफ  ने पर्यावरण रक्षा की इस मुहिम में अपना सहयोग किया।