CDLU सिरसा में विश्व खाद्य दिवस पर जागरूकता रैली और प्रतियोगिताएं, संतुलित आहार का संदेश
mahendra india news, new delhi
चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा के खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा विश्वविद्यालय स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज (USGS) के संयुक्त तत्वावधान में विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता रैली सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को संतुलित आहार, पौष्टिक भोजन, खाद्य सुरक्षा और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. सुशील कुमार ने पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए केवल पर्याप्त भोजन उपलब्ध होना ही जरूरी नहीं है, बल्कि भोजन का पौष्टिक, सुरक्षित और संतुलित होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने पौष्टिक आहार अपनाने, संतुलित भोजन के महत्व को समझने तथा स्वस्थ जीवनशैली को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की अध्यक्ष प्रो. संजू बाला ढुल ने संतुलित आहार, पोषण संबंधी जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक एवं संतुलित भोजन आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को पोषण संबंधी सही जानकारी समाज तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विश्व खाद्य दिवस हमें भोजन के महत्व, खाद्य सुरक्षा और प्रत्येक व्यक्ति तक पौष्टिक आहार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराता है। भोजन केवल जीवन जीने का साधन नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण का आधार भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से खाद्य पदार्थों की बर्बादी रोकने, भोजन के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने तथा पौष्टिक आहार और स्वस्थ जीवनशैली के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से खाद्य सुरक्षा और पोषण संबंधी जागरूकता को जन-आंदोलन का रूप दिया जा सकता है।
फ़ूड साइंस विभाग की प्रोफेसर एवं युवा कल्याण निदेशक डॉ मंजू नेहरा ने युवाओं की सामाजिक जागरूकता में भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए खाद्य पदार्थों के समुचित उपयोग तथा नवाचार के माध्यम से भविष्य की खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को मौसमी फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को अपने दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह दी।
कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग और रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से पोषण, संतुलित आहार, खाद्य सुरक्षा और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता, विषय की प्रासंगिकता और संदेश की प्रभावशीलता के आधार पर प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज के अधिष्ठाता प्रो. कासिफ किदवई, जीवन विज्ञान के अधिष्ठाता प्रो. जोगेंद्र दूहन, रसायन विज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. गीता रानी, वनस्पति विज्ञान विभाग की डॉ. ज्योति तथा प्राणी विज्ञान विभाग के डॉ. हरिकिशन निर्णायक मंडल के सदस्य के रूप में उपस्थित रहे।कार्यक्रम में खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संकाय सदस्य डॉ. विकास नैन, डॉ. बृज लाल कडवासरा, डॉ. किरण बाला, डॉ. सुमन, डॉ. अमनज्योति, डॉ. अंकिता, मनोज, शशि रोहिल्ला तथा सुनील ने सहभागिता की।
