CDLU SIRSA में उत्कृष्ट खिलाड़ियों के सम्मान में पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन
Mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा की खेल परिषद द्वारा विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट खिलाड़ियों के सम्मान में पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन बुधवार को टैगोर लेक्चर थिएटर में किया गया। कार्यक्रम में पानीपत से जाने-माने उद्योगपति एवं समाजसेवी राजेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि द्वारा यूटीडी तथा सीडीएलयू से संबंधित 10 महाविद्यालयों के 69 खिलाड़ियों को 15 लाख रूपये के नगद पुरस्कार प्रदान किए गए। इन सभी खिलाड़ियों ने आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट्स में सीडीएलयू का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। प्रथम विजेता को 25000 रूपये, दूसरे स्थान पर रहने वाले खिलाडी को 21000 रूपये व तीसरे स्थान पर रहने वाले खिलाडी को 18000 रूपये का पुरस्कार चेक के माध्यम से प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि राजेश कुमार ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल जीत या हार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये जीवन को बेहतर इंसान बनाने की पाठशाला हैं। उन्होंने कहा कि एक अच्छे खिलाड़ी में अनुशासन, ईमानदारी, धैर्य, टीम भावना और आत्मनियंत्रण जैसे गुण अनिवार्य होते हैं। खेल भावना (स्पोर्ट्समैनशिप) ही खिलाड़ी की वास्तविक पहचान होती है, जो उसे मैदान के भीतर और बाहर दोनों जगह सम्मान दिलाती है। उन्होंने कहा कि हार भी खिलाड़ी को मजबूत बनाती है, क्योंकि असफलताएं अनुभव सिखाती हैं और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। एक गुणवत्तापूर्ण खिलाड़ी वही होता है जो जीत में विनम्र और हार में संयमी बना रहे। उन्होंने खिलाड़ियों से निरंतर अभ्यास, समय प्रबंधन और लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

उन्होंने अनुकरणीय उदाहरण देते हुए खिलाड़ियों को खेल के प्रति निष्ठा, नशे से दूर रहना, पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ डॉ भीम राव आंबेडकर जैसे महापुरुषों के जीवन संस्मरण से विद्यार्थियों को अपने शिक्षक के प्रति सम्मान की भावना को उजागर करने वाले प्रेरक प्रसंग भी सांझा किए। उन्होंने राष्ट्र हित को ध्यान में रखते हुए अपने लक्ष्य को निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीडीएलयू के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि जीवन में खेल और संगीत का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए खेल आवश्यक हैं, उसी प्रकार किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से होती है। खेल अनुशासन, समर्पण और आत्मविश्वास सिखाते हैं, जिनसे सफलता प्राप्त होती है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ सुनील कुमार ने खिलाड़ियों को खेलों के माध्यम से विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने पर बधाई दी तथा उनके अभिभावकों को भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे माता-पिता के त्याग, सहयोग और मार्गदर्शन की अहम भूमिका होती है।
कार्यक्रम की शुरुआत खेल परिषद की अध्यक्ष प्रो. मोनिका वर्मा द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत एवं संक्षिप्त परिचय के साथ की गई। कोच डॉ सविता ढांडा द्वारा खेल परिषद की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
कार्यक्रम के अंत में खेल परिषद उपाध्यक्ष प्रो. अशोक मालिक द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। सभी सफल खिलाड़ियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी गई। समारोह में प्रोफेसर अशोक शर्मा, प्रोफेसर ईश्वर मालिक, प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह, डॉ अमित सहित विश्वविद्यालय व विश्वविद्यालय से संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापक, खिलाड़ियों के अभिभावक, खेल परिषद के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। मंच संचालन डॉ शमशेर सिंह व डॉ. चनप्रीत द्वारा किया गया।
