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CDLU SIRSA में सुशासन की ओर गांव” विषय पर कार्यशाला का आयोजन

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चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर रूरल स्टडीज एवं यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर आउटरीच प्रोग्राम्स एंड एक्सटेंशन के संयुक्त तत्वावधान में “सुशासन की ओर गांव” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में सिरसा तथा फतेहाबाद जिलों के 50 से अधिक सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार तथा कुलसचिव डॉ सुनील कुमार  द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।


विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार ने ग्रामीण प्रवेश के साथ विश्वविद्यालय का सहयोग कैसे हो सकता है इस दिशा में सरपंचों तथा प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित किया। कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार ने विश्वविद्यालय और ग्रामीण समाज के बीच सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सामंजस्य एवं एकता, तथा संघर्ष समाधान जैसे विषयों पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई।

साथ ही बच्चों में बढ़ती मोबाइल लत पर चिंता व्यक्त करते हुए जागरूकता अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी गांवों में आउटरीच प्रोग्राम के माध्यम से जुड़ें और गांवों के विद्यार्थी विश्वविद्यालय के पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं एवं अन्य संसाधनों का उपयोग करें, जिससे उनकी क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिले।

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इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ सुनील कुमार ने अपने संबोधन में शिक्षा के माध्यम से गांवों को सशक्त बनाने, सुशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही  तथा संवेदनशीलता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विश्वविद्यालय और ग्रामीण समाज के बीच मजबूत कनेक्टिविटी स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।


विशिष्ट वक्ता एवं सोशल साइंस संकाय के डीन प्रोफेसर सुल्तान ढांडा ने कहा कि देश की लगभग 70% आबादी गांवों में निवास करती है और भारत के समग्र विकास का मार्ग गांवों से होकर ही गुजरता है। उन्होंने सरपंचों को लोकतंत्र की पहली कड़ी बताते हुए “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को साकार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। कार्यशाला के दौरान विभिन्न सरपंचों ने भी सुशासन, ग्रामीण विकास एवं जनभागीदारी से जुड़े अपने विचार साझा किए। सभी प्रतिभागियों ने विश्वविद्यालय द्वारा इस प्रकार की पहल के लिए कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार का आभार व्यक्त किया।


कार्यक्रम के अंत में यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर रूरल स्टडीज के निदेशक तथा यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज के कोऑर्डिनेटर डॉ. रविंदर ढिल्लों ने ‘सुशासन की ओर गाँव’ कार्यक्रम में प्रस्तुतिकरण के माध्यम से सरपंचों को मानवीय व्यवस्था और सामाजिक सामंजस्य की अवधारणा सरल ढंग से समझाई। उन्होंने बताया कि परिवार, समाज और प्रकृति के बीच परस्पर पूर्ति से ही निरंतर सुख व समृद्धि संभव है। शिक्षा, स्वास्थ्य, उत्पादन, न्याय और विनिमय के पाँच आयामों को सुदृढ़ कर ही आदर्श ग्राम व्यवस्था स्थापित की जा सकती है। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर कुलगुरु के तकनीकी सलाहकार प्रोफेसर पंकज शर्मा, प्रोफेसर मोनिका वर्मा, प्रोफेसर राजकुमार आदि उपस्थित थे।