CDLU SIRSA में सोशल वर्क फील्ड प्रैक्टिकम: थ्योरी टू प्रैक्टिस” विषय पर एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के एपीजे अब्दुल कलाम परिसर में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार के दिशा निर्देशन में यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज के समाज कार्य विभाग द्वारा शैक्षणिक एवं व्यावहारिक ज्ञान को सुदृढ़ करने के लिए "सोशल वर्क फील्ड प्रैक्टिकम: थ्योरी टू प्रैक्टिस” विषय पर एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य समाज कार्य के विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव के महत्त्व से अवगत करवाना था।
इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं समाज कार्य क्षेत्र के अनुभव शिक्षाविद् डॉ. दर्शन सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। अपने प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक व्याख्यान में उन्होंने समाज कार्य शिक्षा में फील्ड वर्क प्रैक्टिकल की भूमिका, उसकी आवश्यकता तथा व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. सिंह ने कहा कि समाज कार्य केवल कक्षा तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह समाज की वास्तविक समस्याओं से जुड़कर समाधान खोजने की एक जीवंत प्रक्रिया है।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि फील्ड वर्क के माध्यम से छात्र सामाजिक वास्तविकताओं को प्रत्यक्ष रूप से समझते हैं, विभिन्न समुदायों, संस्थाओं और सामाजिक एजेंसियों के साथ कार्य करने का अनुभव प्राप्त करते हैं तथा समाज के वंचित और कमजोर वर्गों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनते हैं। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि थ्योरी और प्रैक्टिस के समन्वय से ही एक कुशल और प्रभावी समाज कार्यकर्ता का निर्माण संभव है। वर्तमान सामाजिक परिवेश में सामाजिक असमानता, गरीबी, बेरोजगारी, नशा, महिला एवं बाल अधिकार जैसे मुद्दों के समाधान में प्रशिक्षित समाज कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. सुशील कुमार ने बताया कि चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के यूएसजीएस के समाज कार्य विभाग में संचालित बैचलर ऑफ सोशल वर्क (BSW) पाठ्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए सैद्धांतिक अध्ययन के साथ-साथ फील्ड वर्क को भी अनिवार्य रूप से पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। इसके अंतर्गत छात्र विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी सामाजिक संस्थाओं, समुदायों और परियोजनाओं के साथ कार्य कर व्यावहारिक अनुभव अर्जित करते हैं। इस प्रकार के एक्सटेंशन लेक्चर न केवल विद्यार्थियों के व्यावसायिक कौशल को विकसित करते हैं, बल्कि उनमें समाज के प्रति उत्तरदायित्व, संवेदनशीलता और सेवा भावना को भी सुदृढ़ करते हैं।
कार्यक्रम के आयोजन में समाज कार्य विभाग में सहायक प्रोफेसर एवं कोऑर्डिनेटर ललिता तथा सुनील कुमार की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और विद्यार्थियों को ऐसे व्याख्यानों से अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में समाज कार्य विभाग के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
