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चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय,में “गुरबाणी में सांझीवालता का संकल्प” विषय पर एक एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन किया गया

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Chaudhary Devi Lal University organized an extension lecture on the topic “Resolve of Sharing in Gurbani”

सिरसा 08 मई 2026। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के श्री गुरु तेग बहादुर रिसर्च चेयर द्वारा शुक्रवार को टैगोर लेक्चर थिएटर में “गुरबाणी में सांझीवालता का संकल्प” विषय पर एक एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार उपस्थित रहे।


कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने अपने संबोधन में क्वांटम फिजिक्स के सिद्धांतों को दैनिक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से सरल रूप में समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रश्नोत्तर शैली के माध्यम से अपने व्याख्यान से जोड़ा तथा उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जिज्ञासा को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में कैलिफोर्निया, अमेरिका से पधारे प्रख्यात साहित्यकार गुरदीप सिंह नक्शदीप पंजकोहा ने गुरबाणी में सांझीवालता के सिद्धांत को विद्वतापूर्ण एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि गुरबाणी का मूल संदेश समस्त मानवता को एक सूत्र में जोड़ना है

। गुरु साहिबानों ने जाति, धर्म और वर्ग की सीमाओं से ऊपर उठकर भाईचारे, समानता और सर्वहित का संदेश दिया। उन्होंने “एक पिता एकस के हम बारिक” तथा “सभ को मीत हम आपन कीना” जैसी पंक्तियों की व्याख्या करते हुए मानव एकता और सामाजिक समरसता के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. अमरजीत सिंह ने भी गुरबाणी और क्वांटम फिजिक्स के पारस्परिक संबंधों पर अपने विचार साझा किए।

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श्री गुरु तेग बहादुर रिसर्च चेयर की निदेशक एवं पंजाबी विभागाध्यक्ष प्रो. रंजीत कौर ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि मंच संचालन प्रो. राजविंदर कौर ने किया। विभाग के प्राध्यापक गुरसाहिब सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि रिसर्च चेयर द्वारा गुरबाणी के मानवीय एवं सामाजिक मूल्यों को विद्यार्थियों और शोधार्थियों तक पहुंचाने तथा उनमें शोध के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे अकादमिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

कार्यक्रम में विभाग के प्राध्यापक डॉ. हरदेव सिंह, प्रो. मनप्रीत सिंह, डॉ. हरविंदर सिंह, डॉ. अमरीक सिंह तथा डॉ. लखवीर सिंह सहित शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। अंत में चरणजीत कौर ने मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता एवं सभी उपस्थितजनों का धन्यवाद किया।