चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा ने अपनी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को नई गति प्रदान
mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा ने अपनी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को नई गति प्रदान करते हुए मलेशिया स्थित प्रतिष्ठित होराइजन जर्नल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज रिसर्च (JHSSR) के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के माध्यम से विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग, संयुक्त प्रकाशन, संपादकीय गतिविधियों तथा वैश्विक अकादमिक मंचों से जुड़ने के व्यापक अवसर प्राप्त होंगे।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने कहा कि उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में नए नवाचार हो रहे हैं। सीडीएलयू शोध एवं नवाचार को वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ इस प्रकार के सहयोग से विश्वविद्यालय की अकादमिक गुणवत्ता, शोध संस्कृति और वैश्विक पहचान को नई मजबूती मिलेगी। यह एमओयू शिक्षकों एवं शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध प्रकाशनों, संयुक्त शोध परियोजनाओं तथा अकादमिक विशेषज्ञों के साथ कार्य करने के नए अवसर उपलब्ध कराएगा।
कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता विश्वविद्यालय के शोधार्थियों और युवा शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा गुणवत्तापूर्ण शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करेगा।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी विश्व के प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों के साथ ऐसे सहयोगात्मक प्रयास जारी रखेगा, जिससे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा एवं शोध के अवसर उपलब्ध हो सकें। विश्वविद्यालय के शिक्षक जेएचएसएसआर के संपादकीय बोर्ड, सलाहकार समितियों एवं पीयर-रिव्यू गतिविधियों में भी अपनी सहभागिता निभा सकेंगे। साथ ही दोनों संस्थानों के बीच शोध पत्रिकाओं, डिजिटल संसाधनों तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री का आदान-प्रदान भी किया जाएगा।
इस अवसर पर जर्नल के चीफ एग्जीक्यूटिव एडिटर प्रोफेसर नयन एस कवल ने शोध के मानविकी तथा सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में विश्व भर में चल रहे शोध कार्यों को चर्चा करते हुए अपने टीम के सदस्यों एवं उनके कार्यो के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। इस अवसर पर जर्नल के बारे में एक संक्षिप्त वीडियो भी दिखाई गई। इसके उपरांत वियतनाम से डॉ वेनडुंग, जर्मनी से डॉ एरिका फ्लाविया और मलेशिया से डॉ कारा ली आदि ने अपने विचार रखे ।
विश्वविद्यालय की डीन इंटरनेशनल रिलेशन्स एंड फॉरेन अफेयर्स प्रोफेसर अनु शुक्ला ने सीडीएलयू के बारे में संक्षिप्त परिचय देने के उपरांत बताया कि एमओयू के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, संगोष्ठियां, कार्यशालाएं तथा बहुविषयक शोध परियोजनाएं संचालित करेंगे। इसके अतिरिक्त चयनित शोध पत्रों के विशेषांक प्रकाशित किए जाएंगे तथा शोध लेखन, पीयर-रिव्यू, संपादकीय सहयोग और अकादमिक प्रकाशन से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
यह समझौता हस्ताक्षर की तिथि से प्रभावी होकर पांच वर्षों तक लागू रहेगा तथा आपसी सहमति से इसका स्वतः नवीनीकरण किया जा सकेगा। इस अवसर पर गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ संजय अरोड़ा, डीन ऐकडेमिक अफेयर्स प्रोफेसर सुशील कुमार, डायरेक्टर यूआईटीडीसी प्रोफेसर विक्रम सिंह, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह ,कुलगुरु के तकनीकी सलाहकार प्रोफेसर पंकज शर्मा, परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर राजकुमार, डीन ऑफ सोशल साइंसेज प्रोफेसर सुल्तान सिंह, मानविकी संकाय के डीन प्रोफेसर सेवा सिंह बाजवा तथा डीन ऑफ कॉलेजिज प्रोफेसर राम मेहर दीक्षित आदि उपस्थित थे।
