SIRSA के बकरियांवाली कचरा प्लांट मामले में कमेटी गठित, जांच के आदेश
SIRSA जिले के गांव बकरियांवाली स्थित कचरा प्रबंधन प्लांट से फैल रहे गंभीर प्रदूषण के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच के लिए कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं। यह मामला गांव गुड़िया खेड़ा निवासी हनुमान पूनिया द्वारा उठाया गया था, जिसमें आसपास के गांवों में बढ़ते प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी।
मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई, जिसमें याचिकाकर्ता ने ट्रिब्यूनल के समक्ष विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि पिछले करीब 20 वर्षों से सिरसा शहर का कचरा बकरियांवाली प्लांट में डाला जा रहा है, लेकिन इसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान नहीं किया गया। परिणामस्वरूप कचरे का विशाल ढेर बन चुका है, जिससे दुर्गंध और प्रदूषण फैल रहा है।
याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि इस समस्या से गुड़िया खेड़ा, बकरियांवाली, चौबुर्जा और मोडिया खेड़ा सहित कई गांवों के 25 से 30 हजार लोग प्रभावित हैं। क्षेत्र में सांस संबंधी बीमारियां, त्वचा रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।
सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए याचिकाकर्ता से कहा कि उनके पास उपलब्ध सभी साक्ष्य (फोटो, दस्तावेज आदि) न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं। ट्रिब्यूनल ने यह भी टिप्पणी की कि इस प्रकार के मामलों को सामने लाना महत्वपूर्ण है और समाज में जागरूकता बढ़ाने में पत्रकारों की भूमिका सराहनीय है।
मामले में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) द्वारा पूर्व में नगर परिषद सिरसा पर लगभग 60 लाख रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया जा चुका है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नियमों का उल्लंघन हुआ है। इसके बावजूद स्थिति में सुधार न होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
यहां यह भी बता दें कि इस मामले में लंबे समय से बकरियांवाली गांव के सुभाष चंद्र कड़वासरा भी जुटे हुए हैं और उनकी जागरूकता के चलते ही नगर परिषद सिरसा पर करीब 60 लाख रूपये का जुर्माना कचरा प्लांट की अव्यवस्थाओं के चलते लगा है लेकिन बावजूद इसके अभी तक स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। सुभाष चंद्र कड़वासरा का कहना है कि यह प्लांट शुरू से ही फर्जीवाड़ा करते हुए यहां स्थापित हुआ था जिसके खिलाफ फिलहाल उन्होंने माननीय हाइकोर्ट में केस भी दायर कर रखा है।
ट्रिब्यूनल द्वारा गठित कमेटी अब मौके पर जांच करेगी और रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि अब इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान होगा और क्षेत्र को प्रदूषण से राहत मिलेगी।
फोटो: कचरा प्लांट में लगा कूड़े का देर और वहां से उठते धुएं की फाइल फोटो
NGT में केस लेकर जाने वाले हनुमान पूनिया की फाइल फोटो
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) द्वारा पूर्व में नगर परिषद सिरसा पर लगाए 60 लाख रुपये का पर्यावरण जुर्माने की सत्यापित काॅपी।
