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शादी या बच्चे के जन्म के बाद तुरंत कर लें PF खाते में यह एक काम, वरना फंस सकती है लाखों की पेंशन और बीमा

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mahendra india news, new delhi
अगर आप कहां पर जॉब कर रहे हैं, तो आपके लिए यह समाचार बहुत फायदे वाला है। आपको बता दें कि नौकरीपेशा लोगों के लिए पीएफ अकाउंट केवल सेविंग्स का जरिया नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त में परिवार का सहारा भी होता है. लेकिन कई व्यक्ति एक जरूरी काम को इग्नोर कर देते हैं, और वो है नॉमिनी की जानकारी अपडेट रखना. असल में स्वयं ईपीएफओ ने साफ किया है कि अगर परिवार की स्थिति बदलती है, जैसे शादी होना या बच्चा होना, तो नॉमिनेशन की जानकारी तुरंत अपडेट कर लेनी चाहिए, वरना कर्मचारी की मौत के बाद पीएफ, पेंशन और बीमा से जुड़े दावों में परेशानी खड़ी हो सकती है.

क्यों जरूरी है नॉमिनी अपडेट करना
नौकरी की शुरुआत में कई लोग ही नॉमिनी की जानकारी भर देते हैं और फिर उसे कभी दोबारा नहीं देखते. जबकि बाद में जब शादी होती है या घर में बच्चा आता है, तब भी नॉमिनेशन वैसे का वैसा ही रहता है. तो फिर ऐसे हालात में क्लेम के वक्त दिक्कत आ सकती है, इसलिए वक्त-वक्त पर इसे चेक करते रहना जरूरी है.

रूल के मुताबिक परिवार के पात्र सदस्यों को ही नॉमिनी बनाया जा सकता है. शादीशुदा कर्मचारियों को अपने जीवनसाथी और बच्चों की जानकारी भरनी होती है. हालांकि जिनका अभी तक कोई परिवार नहीं है, वे किसी अन्य व्यक्ति को भी नॉमिनी बना सकते हैं. लेकिन ध्यान रहे, शादी होने या परिवार बनने के बाद पुराना नॉमिनेशन अपने आप अमान्य हो जाता है, तो इसलिए ऐसे कर्मचारियों को नई नॉमिनेशन डिटेल जरूर भरनी चाहिए.

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केवल PF ही नहीं, पेंशन और बीमा में भी असर

 नॉमिनेशन का मामला केवल PF की जमा रकम तक सीमित नहीं रहता. EPFO के तहत आने वाली पेंशन स्कीम और बीमा स्कीम दोनों में भी इसी नॉमिनेशन का इस्तेमाल होता है. पेंशन स्कीम के लिए पति-पत्नी और बच्चों की जानकारी देनी पड़ती है, जबकि PF में किया गया नॉमिनेशन बीमा स्कीम से भी जुड़ा होता है. यानी कि एक बार सही जानकारी भर देने से तीनों जगह फायदा मिल जाता है

पूरा तरीका नॉमिनेशन करने का पूरा तरीका

EPFO के मेंबर पोर्टल पर UAN और पासवर्ड से लॉगिन करके यह काम आसानी से किया जा सकता है. लॉगिन के बाद Manage सेक्शन में जाकर E-Nomination ऑप्शन चुनना होता है. यहां सबसे पहले अपनी व्यक्तिगत जानकारी की जांच करनी चाहिए, उसके बाद परिवार के पात्र सदस्यों की डिटेल जोड़नी होती है.

नॉमिनी का नाम, जन्मतिथि, रिश्ता, आधार नंबर और पता जैसी जानकारी भरने के बाद, अगर नॉमिनी नाबालिग है तो उसके अभिभावक की जानकारी भी देनी पड़ती है. एक से ज्यादा नॉमिनी बनाने पर सबकी हिस्सेदारी मिलाकर पूरे 100 फीसदी होनी चाहिए

आधार ई-साइन के बिना अधूरी रहेगी प्रक्रिया

यहां एक बात खास तौर पर ध्यान रखने वाली है, सिर्फ फॉर्म भर देना ही काफी नहीं है. जानकारी सेव करने के बाद आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP के जरिए ई-साइन पूरा करना जरूरी है