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गौसेवकों ने किया प्रदर्शन, तहसीलदार को सौंपा प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन

Cow protectors staged a protest and handed over a memorandum to the Tehsildar in the name of the Prime Minister.
 
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Cow protectors staged a protest and handed over a memorandum to the Tehsildar in the name of the Prime Minister.  

सिरसा। सम्पूर्ण भारत में अखिल वेदलक्षणा गोमाता (सम्पूर्ण देशी गोवंश) की विधिवत सेवा, पूर्ण सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करने हेतु केंद्रीय कानून बनाने और गो पालन मंत्रालय स्थापना के लिए सम्पूर्ण भारतवर्ष में शांतिपूर्वक आंदोलन किया जा रहा है। इसी कड़ी में सिरसा में भी गौसेवकों द्वारा प्रदर्शन किया गया और प्रशासन के मार्फत प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। गौरक्षा दल से पंकज व गौशाला महासंघ हरियाणा ब्लॉक अध्यक्ष सत्यनारायण कुलड़िया ने बताया कि सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक एवं समस्त भारतीयों की आस्था के केंद्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विगत 12 वर्षों में ऐसे कार्य किए हैं,

जो पूर्ववर्ती सरकारें 65 वर्षों में नहीं कर सकीं। ऐसे कार्य आपकी देशभक्ति, दृढ़ इच्छाशक्ति एवं कार्य दक्षता के कारण ही संभव हो सके हैं। प्रभु श्री राम के मंदिर निर्माण एवं जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने जैसे ऐतिहासिक कार्यों के बाद, हम समस्त सनातनी आपकी दृढ़ इच्छाशक्ति, कार्य दक्षता और आपके सांस्कृतिक पुनरुत्थान के कार्यों के प्रति नतमस्तक हैं।


आपके 'पंचप्राण' के संकल्प में 'अपनी विरासत पर गर्व एक मुख्य स्तंभ है। उन्होंने कहा कि भारतीय देशी गोवंश हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। जब तक गोमाता असुरक्षित है, तब तक हमारी सांस्कृतिक पूर्णता अधूरी है। जिस प्रकार आपने काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक के माध्यम से भारत की आध्यात्मिक आभा को पुनर्जीवित किया है, उसी प्रकार गोमाता को 'राष्ट्रीय सम्मान' देकर आप ही भारत के 'सांस्कृतिक पुनरुत्थान' के इस महायज्ञ की पूणार्हुति कर सकते हैं।

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उन्होंने देश के समस्त सनातनी गो भक्तों, कार्यकर्ताओं, जागरूक नागरिकों एवं संत समाज की ओर से विनम्र निवेदन किया कि वर्तमान में भारतीय गोवंश की स्थिति अत्यंत पीड़ादायक है। तस्करी, वध (हत्या) एवं सड़कों पर उनकी दुर्दशा देखकर प्रत्येक सनातनी भारतीय का हृदय विदीर्ण है। इसलिए आज सम्पूर्ण राष्ट्र को आपसे गोवंश के सम्मान, सुरक्षा और सेवा की प्रतीक्षा है।
इस मौके पर कैलाश कुलड़िया, कुलदीप ढाका, रायसिंह बैनीवाल सहित काफी संख्या में गौसेवक उपस्थित थे।


ये है प्रमुख मांगें:
संपूर्ण भारत के समस्त राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के क्षेत्राधिकार में सभी आयु वर्ग के गोवंश (स्वस्थ, रुग्ण, वृद्ध, गाय, वृषभ, नंदी, बछड़ा एवं बछिया) के वध एवं किसी भी प्रकार की शारीरिक क्षति पहुंचाने पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया जाए। इन कृत्यों को 'संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में वगीर्कृत किया जाए, जिससे गोवंश की आद्योपान्त सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। भारतीय संविधान में संशोधन कर सम्पूर्ण ( नर-मादा) गोवंश को राष्ट्रमाता, राष्ट्र आराध्या अथवा राष्ट्र देव के रूप में आधिकारिक रूप से लागु कर गोवंश को वैधानिक सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान एवं संवैधानिक संरक्षण प्रदान किया जाए। गोवंश के संरक्षण, सम्पोषण एवं संवर्धन के लिये पशुपालन विभाग से प्रथक पूर्णतया स्वतंत्र गो-पालन मंत्रालय का गठन किया जाए।

राज्य सरकारों द्वारा अब तक बनाये गये नियमों, अधिनियमों को निरस्त कर केन्द्रीय कानून के अधीन किया जाए। गोवंश की अवैध तस्करी एवं वध जैसे जघन्य अपराधों में संलिप्त अभियुक्तों हेतु आजीवन कारावास जैसे कठोर दंड का वैधानिक प्रावधान किया जाए। साथ ही, ऐसे अपराधों से अर्जित की गई अथवा अपराध में प्रयुक्त समस्त चल-अचल संपत्ति को राजसात करने हेतु सुदृढ़ कानून निर्मित किया जाए। तस्करी की गतिविधियों में संलिप्त समस्त वाहनों को बिना किसी प्रतिभूति के तत्काल प्रभाव से राजसात किया जाए।

तत्पश्चात, सक्षम प्राधिकारी द्वारा उक्त वाहनों की सार्वजनिक नीलामी की जाए और उससे प्राप्त आय को मंजीकृत गोशालाओं के रख-रखाव हस्तांतरित किया जाए। पशु मेलों की आड़ में होने वाली तस्करी एवं गोवंश के अनैतिक अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय परिवहन को रोकने हेतु एक सुदृढ़ केन्द्रीय गोवंश संरक्षण अधिनियम बनाया जाए। इसके अंतर्गत समस्त पशु मेलों में गोवंश के क्रय-विक्रय को पूर्णत: प्रतिबंधित कर, केवल कृषि एवं डेयरी प्रयोजनों हेतु पंजीकृत कृषक को विनिमय की अनुमति प्रदान की जाए। कार्ड की पद्धति के अनुसार गोवंश पहचान पत्र जारी किए जाये।