5 लाख रुपये तक की फसल बिक्री आय अब फैमिली आईडी में नहीं जुड़ेगी: यतींद्र सिंह
mahendra india news, new delhi
सिरसा। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष एडवोकेट यतींद्र सिंह ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा छोटे किसानों एवं बटाई (पट्टे) पर खेती करने वाले किसानों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय का स्वागत करते हुए इसे किसान कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वह किसानों के हितों की रक्षा और गरीब कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रेस को जारी बयान में एडवोकेट यतींद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निदेर्शानुसार हरियाणा सरकार ने यह निर्णय लिया है कि अब ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से 5 लाख रुपये तक की फसल बिक्री से प्राप्त आय को परिवार पहचान पत्र (पीपीपी/फैमिली आईडी) में परिवार की आय के रूप में शामिल नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' पोर्टल का पुराना डेटा भी फैमिली आईडी से पूरी तरह हटा दिया गया है। अब केवल 5 लाख रुपये से अधिक की ई-खरीद से संबंधित वास्तविक डेटा के आधार पर ही आय का मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनेगी। उन्होंने कहा कि इस निर्णय का सबसे अधिक लाभ उन छोटे एवं सीमांत किसानों को मिलेगा जिनके पास सीमित कृषि भूमि है या जो दूसरों की जमीन पट्टे (बटाई) पर लेकर खेती करते हैं।
पहले फसल बिक्री की पूरी राशि फैमिली आईडी में जुड़ जाने से अनेक किसानों की वार्षिक आय कागजों में अधिक दिखाई देती थी, जिसके कारण वे आयुष्मान भारत, बीपीएल राशन कार्ड सहित विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो जाते थे। अब 5 लाख रुपये तक की फसल बिक्री आय को शामिल नहीं किए जाने से पात्र किसानों को इन योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
एडवोकेट यतींद्र सिंह ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार किसानों की समस्याओं को केवल सुनती ही नहीं, बल्कि उनका स्थायी समाधान भी करती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष हमेशा किसानों के नाम पर राजनीति करता रहा है, जबकि भाजपा सरकार ने धरातल पर ऐसे निर्णय लिए हैं, जिनका सीधा लाभ किसानों और गरीब परिवारों तक पहुंच रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एवं हरियाणा सरकार का समस्त जिला वासियों और किसान भाइयों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि प्रदेश सरकार आगे भी किसान हित और जनकल्याण के लिए इसी प्रकार के जनहितैषी निर्णय लेती रहेगी।
