शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल SIRSA की बेटियों ने रचा इतिहास, 12वीं कला संकाय में लहराया परचम, वंदिता कस्वां ने 498 अंक लेकर पाया दूसरा स्थान
Mahendra india news, new delhi
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से बुधवार को घोषित 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में SIRSA के शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल SIRSA की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। कला संकाय की छात्रा वंदिता कस्वां ने 500 में से 498 अंक प्राप्त कर जहां जिले में टॉप किया, वहीं स्कूल प्रबंधन ने दावा किया कि उसने हरियाणा में भी पहला और देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है। दूसरी ओर स्कूल की ही छात्रा रीतिका ने 497 अंक प्राप्त कर जिला स्तर पर द्वितीय स्थान हासिल किया।
एक ही स्कूल की दो छात्राओं की इस बड़ी उपलब्धि से विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। परिणाम घोषित होते ही छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई। स्कूल प्रशासन ने इसे विद्यालय के इतिहास के गौरवपूर्ण क्षणों में शामिल बताया। शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थान की प्रबंधन समिति के सदस्य चरणजीत सिंह इन्सां, रिटायर्ड कर्नल नरेंद्र पाल सिंह तूर, रामकिशन बजाज इन्सां, प्रधानाचार्या डा. शीला पूनियां इन्सां ने सभी छात्राओं को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
बिना ट्यूशन हासिल की बड़ी सफलता
दोनों छात्राओं की सफलता की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने किसी भी विषय की ट्यूशन नहीं ली। नियमित अध्ययन, अनुशासन और स्कूल में कराई गई पढ़ाई के दम पर यह मुकाम हासिल किया। वंदिता कस्वां ने बताया कि वह स्कूल के बाद प्रतिदिन 6 से 7 घंटे पढ़ाई करती थी। उसने अपनी सफलता का श्रेय डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां, स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और परिवार को दिया। वंदिता ने राजनीति विज्ञान, इतिहास, भूगोल और संगीत में 100-100 अंक प्राप्त किए हैं, जबकि हिंदी में 98 तथा अंग्रेजी में 93 अंक हासिल किए। वंदिता का सपना यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बनने का है। उसने कहा कि वह भविष्य में देश और समाज के लिए बेहतर कार्य करना चाहती है।
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रिजल्ट देखकर रह गई शॉक्ड
वहीं 497 अंक प्राप्त करने वाली रीतिका ने बताया कि उसे इतने अधिक अंक आने की उम्मीद नहीं थी। वह करीब 98 प्रतिशत अंक आने का अनुमान लगा रही थी। परिणाम जारी होने के समय वह इतनी घबराई हुई थी कि दो बार गलत रोल नंबर भर दिया। जब तीसरी बार सही रोल नंबर डालकर रिजल्ट देखा तो वह खुद भी शॉक्ड रह गई। रीतिका ने बताया कि उस समय उसकी माता उसके साथ थीं। जैसे ही उसने अपने अंक बताए तो घर में खुशी का माहौल बन गया। उसने बताया कि वह स्कूल में पढ़ाए गए पाठ को घर जाकर नियमित रूप से दोहराती थी और पूरे सत्र में रूटीन बनाकर पढ़ाई की।
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एक बनना चाहती है IAS, दूसरी पुरातत्ववेत्ता
वंदिता जहां आईएएस अधिकारी बनकर प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती है, वहीं रीतिका का सपना आर्कियोलॉजिस्ट यानी पुरातत्ववेत्ता बनने का है। रीतिका ने बताया कि उसे इतिहास और प्राचीन सभ्यताओं के बारे में जानने में विशेष रुचि है और वह इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती है।
परिवार और स्कूल ने बढ़ाया हौसला
वंदिता के पिता प्रदीप कस्वां सरकारी स्कूल में टीजीटी फिजिकल एजुकेशन शिक्षक हैं और वर्तमान में फतेहाबाद जिले के बहबलपुर में कार्यरत हैं, जबकि माता सुनीता गृहिणी हैं। वंदिता छठी कक्षा से शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल में पढ़ रही है और वह 10वीं कक्षा में भी जिला टॉपर रह चुकी है। रीतिका के पिता विनोद कुमार रियल एस्टेट और फार्मिंग का कार्य करते हैं, जबकि माता सीमा गृहिणी हैं। रीतिका एलकेजी से ही इसी स्कूल की छात्रा है। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. शीला पूनियां इन्सां ने दोनों छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में पूज्य गुरु जी द्वारा दिए गए अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का ही परिणाम है कि छात्राएं लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।
