दिल्ली से चंडीगढ़ अब मात्र 2 घंटे में, दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का नया नेटवर्क जल्द किया जाएगा तैयार
देशभर में सडक़ों का जाल बिछा हुआ है। वहीं नई सडक़ों व पुलों का मिर्नाण कार्य किया जा रहा है। इससे आमजन व वाहन चालकों को काफी फायदा मिल रहा है। इसी बीच लाखों यात्रियों को यातायात से भारी राहत मिलने वाली है। बता देें कि दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच सडक़ से यात्रा जल्द ही कुछ घंटों की होगी। क्योंकि एक बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार होने वाला है. दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे से दोनोंके बीच यात्रा का समय पांच-छह घंटे से घटकर 2 घंटे का हो जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अधिकतर हिस्से 2026 के आखिर और मार्च 2027 के बीच चालू होने की उम्मीद है.
बता दें कि दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच सडक़ से यात्रा जल्द ही कुछ घंटों की रह सकती है, क्योंकि एक बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क बनने वाला है, दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे से दोनों शहरों के बीच यात्रा का वक्त अब 2 घंटे का हो जाएगा.
भारत के सबसे बड़े रोड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक, यह रूट करीबन 38905 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनाया जा रहा है. एक्सप्रेसवे को 120 केएम पीएच तक की स्पीड को सपोर्ट करने के लिए बनाया गया है।
आपको बता दें कि बदले हुए रूट प्लान के अनुसार, दिल्ली से चंडीगढ़ जाने वाले यात्री पहले द्वारका एक्सप्रेसवे लेंगे, फिर अर्बन एक्सटेंशन रोड और कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे। वहां से, वाहन दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे पर मिलेंगी और फिर ट्रांस-हरियाणा एक्सप्रेसवे से अंबाला और चंडीगढ़ की ओर जुड़ेंगी।
इसी के साथ ही चंडीगढ़ के अलावा, एक्सप्रेसवे पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक पहुंच को काफी अच्छा बनाएगा. दिल्ली से अमृतसर का सफर करीबन चार का होगा, जबकि प्रोजेक्ट पूरा होने पर दिल्ली से कटरा का सफर करीबन 14 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे का हो सकता है.
पहले, बड़े पैमाने पर एक्सप्रेसवे के डेवलपमेंट में पंजाब के कुछ हिस्सों में जमीन अधिग्रहण और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में बाढ़ की वजह से देरी हुई थी. फिर भी, एनएचएआई अधिकारियों ने कन्फर्म किया है कि कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी फिर से तेज हो गई है. कॉरिडोर अब मार्च 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य है. कई जरूरी हिस्से पहले ही करीबन पूरा होने वाले हैं.
एक्सप्रेसवे नेटवर्क पूरे दिल्ली-एनसीआर हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में कनेक्टिविटी को बदलने के लिए तैयार है. कम सफर के वक्त से टूरिज्म और लॉजिस्टिक्स में सुधार होने की उम्मीद है। यह मौजूदा हाईवे पर भीड़भाड़ को कम करते हुए इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को भी तेज करेगा. कॉरिडोर के पूरी तरह से चालू होने के बाद, खास इंटरचेंज के पास की जगहों पर रियल एस्टेट और कमर्शियल विस्तार भी तेजी से हो सकता है।
