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यूनिवर्सिटास पामुलांग, जकार्ता, इंडोनेशिया के विद्यार्थियों को यूज़ ऑफ आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस एंड इट्स टूल्स इन स्टडी एंड रिसर्च ऑफ लिटरेचर विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान दिया

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Delivered an online lecture to students from Universitas Pamulang, Jakarta, Indonesia, on the topic "Use of Artificial Intelligence and Its Tools in the Study and Research of Literature.

  MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा और यूनिवर्सिटास पामुलांग (Universitas Pamulang) के बीच हुए एमओयू के तहत शुरू की गई पारस्परिक व्याख्यान श्रृंखला ने दोनों विश्वविद्यालयों के बीच अकादमिक सहयोग को नई दिशा प्रदान की है। इसी श्रृंखला के अंतर्गत चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विभाग के चेयरपर्सन प्रो. पंकज शर्मा ने बुधवार को यूनिवर्सिटास पामुलांग, जकार्ता, इंडोनेशिया के विद्यार्थियों को यूज़ ऑफ आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस एंड इट्स टूल्स इन स्टडी एंड रिसर्च ऑफ लिटरेचर विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान दिया।


अपने व्याख्यान में प्रो. पंकज शर्मा ने साहित्य के अध्ययन एवं शोध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इसके विभिन्न टूल्स की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि एआई आधारित तकनीक साहित्य को पढ़ने, समझने, विश्लेषण करने तथा शोध कार्य को व्यवस्थित करने के तरीकों में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि एआई टूल्स की सहायता से साहित्यिक पाठों के विश्लेषण, प्रासंगिक स्रोतों की खोज, शोध सामग्री को व्यवस्थित करने तथा अध्ययन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
प्रो. शर्मा ने विद्यार्थियों को एआई तकनीक के सावधानीपूर्वक, जिम्मेदारी पूर्ण और नैतिक उपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य विद्यार्थियों की आलोचनात्मक एवं रचनात्मक सोच को मजबूत करना होना चाहिए, न कि उनकी स्वयं की सोच और विश्लेषण क्षमता का स्थान लेना। उन्होंने विद्यार्थियों से एआई के उपयोग के साथ-साथ मौलिकता, अकादमिक ईमानदारी और स्वतंत्र चिंतन को बनाए रखने का आह्वान किया।
दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शुरू की गई इस पारस्परिक व्याख्यान श्रृंखला के तहत एक विश्वविद्यालय के शिक्षक दूसरे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को विभिन्न अकादमिक विषयों पर व्याख्यान देंगे। इस प्रकार के अकादमिक आदान-प्रदान से विद्यार्थियों को विभिन्न देशों की शैक्षणिक एवं बौद्धिक दृष्टियों को समझने का अवसर मिलता है तथा बिना भौतिक यात्रा के भी दोनों संस्थानों के बीच दीर्घकालिक अकादमिक संबंधों को मजबूत किया जा सकता है।
विश्वविद्यालय अधिकारियों ने कहा कि यूनिवर्सिटास पामुलांग के साथ हुआ एमओयू सीडीएलयू द्वारा अंतरराष्ट्रीय अकादमिक साझेदारियों को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। विश्वविद्यालय ने यूनिवर्सिटास पामुलांग के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि आने वाले समय में यह व्याख्यान श्रृंखला और अधिक व्यापक एवं प्रभावी रूप लेगी।