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जोहड़ों पर बने मकानों के निवासियों के पुनर्वास की मांग, मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की अपील

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Demand raised for the rehabilitation of residents living in houses built on *johads* (traditional water bodies); appeal made to the Chief Minister to intervene

Mahendra india news, new delhi
हरियाणा के विभिन्न गांवों में जोहड़ों की भूमि पर वर्षों से रह रहे परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा लगातार चर्चा में है। इस संबंध में पूर्व सरपंच एवं पूर्व जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस सिरसा रीना बीरट ने HARYANA CM नायब सिंह सैनी से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है।

रीना बीरट ने कहा कि जोहड़ों का संरक्षण पर्यावरण और जल संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है, लेकिन जो परिवार दशकों से इन स्थानों पर रह रहे हैं, उन्हें बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बेघर करना उचित नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों को पहले पुनर्वास की सुविधा प्रदान की जाए।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जोहड़ों पर बने मकानों में रह रहे प्रत्येक पात्र परिवार को 500 गज आवासीय प्लॉट उपलब्ध कराया जाए तथा आवास प्लस योजना के तहत मकान निर्माण के लिए स्वीकृत राशि जारी की जाए। इसके अतिरिक्त परिवारों को नए स्थान पर मकान निर्माण के लिए कम से कम छह माह का समय दिया जाए।

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रीना बीरट ने कहा कि सरकार को ऐसा समाधान निकालना चाहिए जिससे जोहड़ों का संरक्षण भी हो और गरीब परिवारों का आवासीय अधिकार भी सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि "पहले पुनर्वास, फिर कार्रवाई" की नीति अपनाकर सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित कर सकती है।

उन्होंने कहा कि मानवीय पुनर्वास ही इस समस्या का स्थायी समाधान है तथा सरकार को प्रभावित परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए।

रीना बीरट
पूर्व सरपंच, ग्राम ख्योवाली
पूर्व जिला अध्यक्ष, महिला कांग्रेस, सिरसा
पूर्व उपाध्यक्ष, हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस