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डेरा सच्चा सौदा समर्थकों को हाई कोर्ट से मिली बड़ी राहत, इस मामले में बरी करने का फैसला बरकरार

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mahendra india news, new delhi
हरियाणा प्रदेश की बड़ी खबरों मेेंं पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा सिरसा के डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह  को अगस्त 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद भडक़ी हिंसा के दौरान कैथल के कलायत स्थित यूएचबीवीएन (उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड) कार्यालय में तोडफ़ोड़ और आगजनी के मामले में 4 आरोपितों को बरी किए जाने के ट्रायल कोर्ट के निर्णय को बरकरार रखा है।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने प्रदेश सरकार की अपील खारिज करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपितों की पहचान, उनकी घटनास्थल पर मौजूदगी और लगाए गए अपराधों के आवश्यक कानूनी तत्वों को साबित करने में पूरी तरह विफल रहा।

इस संदर्भ में जस्टिस विनोद एस भारद्वाज और जस्टिस सुखविंदर कौर की खंडपीठ ने कहा, ट्रायल कोर्ट ने आरोपितों को मामूली विसंगतियों के आधार पर बरी नहीं किया, बल्कि यह फैसला गंभीर विरोधाभासों, महत्वपूर्ण चूकों, संदिग्ध बरामदगियों, विश्वसनीय पहचान के अभाव, असंगत जांच, फोरेंसिक पुष्टि न होने तथा कई आरोपों के आवश्यक कानूनी तत्व सिद्ध न होने पर आधारित है।

प्रदेश सरकार ने दी थी चुनौती
हरियाणा सरकार ने 23 सितंबर 2019 को कैथल के सत्र न्यायालय द्वारा धर्मपाल, जसबीर, शिव कुमार उर्फ बब्बर और बलबीर को भारतीय दंड संहिता की धारा 124-ए (राजद्रोह), 188, 427, 436, 450, 120-बी, धारा 34 तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धाराओं 3 और 4 के तहत बरी किए जाने के निर्देश को चुनौती दी थी।

 

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