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महाराष्ट्र से लापता बुजुर्ग को डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने दिखाई मानवता, देखभाल कर सकुशल सौंपा परिजनों को

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Dera Sacha Sauda volunteers showed humanity to an elderly man missing from Maharashtra, took care of him and handed him over safely to his family

mahendra india news, new delhi
सिरसा। इंसानियत और सेवा भावना की एक और मिसाल पेश करते हुए डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से करीब एक महीने से लापता एक मंदबुद्धि बुजुर्ग को न सिर्फ सहारा दिया, बल्कि उसे उसके परिवार से सकुशल मिलवाकर मानवता का संदेश भी दिया। इस सराहनीय कार्य की खूब प्रशंसा हो रही है। जानकारी के अनुसार 9 अप्रैल को करीब 50-55 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति फटेहाल अवस्था में शाह मस्ताना जी-शाह सतनाम जी धाम, डेरा सच्चा सौदा सिरसा के आसपास घूमता मिला। वह पूरी तरह गुमसुम था और अपनी पहचान बताने में असमर्थ था।

ऐसे में राजस्थान के सच्चे नम्र सेवादार प्रताप पिलानी इन्सां और सुभाष इन्सां टीबी ने आगे बढ़कर उसे अपने संरक्षण में लिया। सेवादारों ने उसे नहलाया-धुलाया और भोजन करवाकर उसकी देखभाल शुरू की। करीब चार दिन बाद 13 अप्रैल को बुजुर्ग ने अपना नाम नारायण बाबाराव वागतकर, पिता का नाम बाबाराव, गांव मु.बोथी, पोस्ट ऑफिस बौर, तहसील कलमनुरी और जिला हिंगोली (महाराष्ट्र) बताया। इसके बाद सेवादारों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए गूगल के माध्यम से संबंधित थाना अखाड़ा बालापुर से संपर्क साधा।

पुलिस के सहयोग से बुजुर्ग के परिजनों तक जानकारी पहुंची और उनसे संपर्क  स्थापित हो सका। सूचना मिलते ही वीरवार रात को नारायण का बेटा तुकाराम, भतीजे सरजेराव और सीताराम सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा पहुंचे। अपने पिता को सुरक्षित देखकर तुकाराम भावुक हो उठा और उसकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। शुक्रवार को सेवादारों ने औपचारिक रूप से नारायण को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस दौरान परिवार ने सेवादारों और डेरा सच्चा सौदा के प्रति आभार जताया। नारायण के बेटे तुकाराम और भतीजे सीताराम ने बताया कि नारायण मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और उनका इलाज चल रहा है।

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वह अक्सर घर से निकल जाते हैं और कुछ दिनों बाद लौट आते हैं, लेकिन इस बार वह करीब एक महीने से लापता थे, जिससे परिवार बेहद चिंतित था। तुकाराम ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए न केवल उनके पिता की देखभाल की, बल्कि सही समय पर सूचना देकर उन्हें मिलवाया। उन्होंने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां और सभी सेवादारों का धन्यवाद किया। उल्लेखनीय है कि नारायण के परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है, जिनमें से एक बेटी विवाहित है जबकि दूसरी अविवाहित है। इस सेवा कार्य में सुभाष इन्सां टीबी, प्रताप पिलानी इन्सां, दिनेश इन्सां, सरदारा राम इन्सां, नरेश ग्रोवर इन्सां सहित कई सेवादारों ने अहम भूमिका निभाई।