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सावन में धाम भक्ति, सद्भाव, प्रेरणा का केंद्र : कांता सिंह चौटाला

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Dham is a center of devotion, harmony and inspiration in Sawan: Kanta Singh Chautala

mahendra india news, new delhi
जेसीडी विद्यापीठ स्थित श्री शिव शक्ति धाम में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों का हवन-यज्ञ के साथ विधिवत समापन हो गया। समापन अवसर पर पूजा-अर्चना की गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन भजन-कीर्तन व सामूहिक आरती से वातावरण भक्तिमय बना रहा, जबकि इससे पूर्व हवन-यज्ञ श्रद्धापूर्वक सम्पन्न हुआ। यज्ञ में आहुति देते समय धर्म, शांति, समृद्धि व विश्व कल्याण की कामना की गई। बाद में हवन पूर्णाहुति के साथ अनुष्ठान संपन्न हुआ।इसके बाद त्रिवेणी लगाई गई ।

इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती कांता सिंह चौटाला जी उपस्थित रहीं, जबकि पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश ने की। इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती कांता सिंह चौटाला ने  कहा कि सावन माह में श्री शिव शक्ति धाम भक्ति, सद्भाव, आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक एकता का प्रेरक केंद्र बनेगा, जहां नियमित पूजा, सत्संग, सेवा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जनमानस को नैतिक प्रेरणा मिलेगी भी।

उन्होंने कहा कि श्री शिव शक्ति धाम भविष्य में धार्मिक व आध्यात्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा और यहां समय-समय पर धार्मिक आयोजन, सत्संग व आध्यात्मिक कार्यक्रम होते रहेंगे, जिससे विद्यार्थियों और समाज दोनों को लाभ मिलेगा। 
 उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक स्थल समाज को जोड़ने के साथ नई पीढ़ी में संस्कारों का विकास करते हैं। शिक्षा के साथ संस्कृति का समन्वय ही वास्तविक प्रगति है और यह धाम विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण में सहायक बनेगा। 

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उन्होंने विश्वास जताया कि यहां का धार्मिक वातावरण लोगों को बुराइयों से दूर रहकर सदाचार अपनाने की प्रेरणा देगा तथा भविष्य में यह स्थान नैतिक मूल्यों का संदेश समाज तक पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि श्री शिव शक्ति धाम सर्वधर्म समभाव की भावना का प्रतीक है और आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्कारों व सद्भाव का मजबूत केंद्र बनेगा।

इस अवसर पर जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश ने बताया कि मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा व हवन-यज्ञ अत्यंत भव्य व श्रद्धापूर्वक सम्पन्न हुए और अब यह मंदिर सभी श्रद्धालुओं के लिए खुला है। कोई भी व्यक्ति यहां आकर श्रद्धा से पूजा-अर्चना कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह धाम सभी धर्मों व वर्गों के लोगों के लिए समान आस्था का स्थान रहेगा। ऐसे पवित्र स्थल व्यक्ति को सद्विचार अपनाने तथा सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं और आपसी प्रेम व सद्भाव को बढ़ाते हैं।

कथा प्रवक्ता परम पूज्य रजनीशाचार्य जी महाराज (श्री धाम वृंदावन) अपने शिष्यों आचार्य अंकित तिवारी, आचार्य नीरज पाण्डेय, आचार्य सत्येंद्र द्विवेदी एवं पंडित कृष्णा पाठक के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने धर्मकथा एवं सत्संग का मधुर वाचन किया, जिससे श्रद्धालु आध्यात्मिक भाव से सराबोर हो गए। कथा में धर्म, संस्कार, मानवता और नैतिक जीवन मूल्यों का महत्व बताया गया तथा विद्यार्थियों को सदाचार, सेवा और परोपकार अपनाने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर विनोद पूनिया, मनीषा गोदारा, कुलसचिव डॉ. सुधांशु गुप्ता, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी व श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में श्रद्धालुओं ने सामूहिक आरती में भाग लेकर विश्व कल्याण की कामना की।