बिजली कर्मचारियों एवं इंजीनियरों ने लंबित मांगों के समर्थन में किया प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम डीसी सिरसा को सौंपा ज्ञापन
mahendra india news, new delhi
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त सांझा संघर्ष समिति के आह्वान पर आज सिरसा बिजली बोर्ड के प्रांगण में बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी, अधिकारी एवं इंजीनियर एकत्रित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता सभी संगठनों के सर्कल सचिवों ने संयुक्त रूप से की, जबकि मंच संचालन सिटी यूनिट सचिव सुरेश मंगल एवं राजेश भाकर ने किया।
इसके उपरांत कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया तथा माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार के नाम उपायुक्त सिरसा को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सतिन्दर मोंगा, सर्कल सचिव, HSEB वर्कर यूनियन, सिरसा ने कहा कि बिजली कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिजली निगमों में भारी स्टाफ की कमी के बावजूद कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ता जा रहा है, जिससे उपभोक्ता सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। सरकार को तुरंत कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान करना चाहिए तथा बिजली कर्मचारियों के लिए रिस्क अलाउंस लागू किया जाना चाहिए।
मदन कम्बोज, सर्कल सचिव, ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर्स यूनियन, सिरसा ने कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी तथा एग्री डिस्कॉम जैसी कर्मचारी विरोधी नीतियों को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारी दिन-रात कठिन एवं जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
दयानन्द, सर्कल सचिव, एससी-बीसी यूनियन, सिरसा ने कहा कि HKRN कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी लागू की जाए तथा समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजेश मदरेना, प्रवक्ता, इंजीनियरिंग एसोसिएशन ने कहा कि बिजली निगमों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं तथा सरकार को इनके समाधान के लिए सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।
संघर्ष समिति के नेताओं श्याम लाल खोड व सुरजीत बेदी ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी रद्द करना, एग्री डिस्कॉम बनाने की योजना वापस लेना, बिजली कर्मचारियों के लिए रिस्क अलाउंस लागू करना, HKRN कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित करना तथा रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करना शामिल है।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार एवं निगम प्रबंधन की होगी।
इस अवसर पर विभिन्न कर्मचारी एवं इंजीनियर संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता का परिचय दिया।
