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दो दिवसीय हड़ताल को लेकर कर्मचारी संगठनों ने बैठक में बनाई रूपरेखा

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Employee organizations prepared a framework in the meeting regarding the two-day strike

वक्ता बोले, सभी नागरिक एकजुट होकर संघर्ष करें तथा शांति, लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आएं।
सिरसा। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, सीटू, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, जनवादी महिला समिति, हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति व किसान सभा की संयुक्त बैठक मंगलवार को रोडवेज बस डिपो, सिरसा स्थित यूनियन कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान मदन लाल खोथ, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान अशोक पटवारी तथा अखिल भारतीय किसान सभा के नेता हमजिंदर ने संयुक्त रूप से की, जबकि संचालन जिला सचिव रमेश कुमार सैनी ने किया।

बैठक में महेंद्र शर्मा, सुरजीत सिंह बेदी, किशोरी लाल मेहता, ललित सौलंकी, मदन लाल कम्बोज, अविनाश कम्बोज, अजय पासी, मीत चावला, डा. सुखदेव जम्मू, लता रानी, शिमला रानी, एडवोकेट बलवीर कौर गांधी, रमेश वर्मा, अमरजीत बराड़, सुरेश कुमार, सुमित कुमार, राजेश भाकर, नरेश कुमार चौहान, बलवंत सरवटा, डॉ. हर रतन गांधी, मास्टर वीर सिंह,संदीप वर्मा, सहित अनेक प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि  सभी संगठन संयुक्त रूप से एक सेमिनार आयोजित करेंगे। साम्राज्यवाद एवं युद्ध विरोधी अभियान के तहत 08 अप्रैल 2026 को फायर विभाग में सेमिनार आयोजित कर अनाज मंडी तक प्रदर्शन किया जाएगा।

अग्निशमन विभाग एवं नगरपालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर दिनांक 08-09 अप्रैल 2026 की दो दिवसीय हड़ताल में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, जिला सिरसा पूर्ण रूप से समर्थन करेगा। इस हड़ताल के माध्यम से ड्यूटी के दौरान शहीद हुए कर्मचारियों को शहीद का दर्जा देने, उनके परिवार के एक सदस्य को पक्की सरकारी नौकरी प्रदान करने तथा एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर थोपा गया युद्ध पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। इजराइल द्वारा अमेरिका के समर्थन से फिलिस्तीन और गाजा में जारी हमलों में लगभग 80 हजार नागरिकों की मौत हो चुकी है, और अब ईरान में भी इसी प्रकार की तबाही मचाई जा रही है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी साम्राज्यवाद दुनिया के संसाधनों पर कब्जा करने की नीति के तहत विभिन्न देशों पर हमले कर रहा है। वेनेजुएला में हस्तक्षेप तथा उसके संसाधनों पर कब्जे के प्रयास इसी नीति का हिस्सा हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा ईरान के तेल पर दिए गए बयान इस मंशा को स्पष्ट करते हैं। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से जारी युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है, जिससे महंगाई बढ़ रही है और आम मेहनतकश जनता पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

आने वाले समय में रोजगार पर भी संकट गहराने की आशंका है। उन्होंने कहा कि भारत भी इस स्थिति से अछूता नहीं है। गैस और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी इसका स्पष्ट संकेत है। भारत सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए वक्ताओं ने बैठक में आह्वान किया गया कि देश के सभी नागरिक, कर्मचारी, किसान, मजदूर और जनसंगठन साम्राज्यवाद और युद्ध के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करें तथा शांति, लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आएं।