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बिजली निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों ने जलाई पैरलल लाइसेंस की प्रतियां, तीन दिवसीय हड़ताल शुरू: श्याम लाल खोड

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Employees burn copies of 'parallel licenses' in protest against electricity privatization; three-day strike begins: Shyam Lal Khod

mahendra india news, new delhi

 हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर SIRSA सर्कल में बिजली कर्मचारियों ने बिजली के निजीकरण के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने पैरलल लाइसेंस की प्रतियां जलाकर केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) के चेयरमैन मुकेश गर्ग तथा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने सरकार की निजीकरण नीतियों के प्रति रोष व्यक्त करते हुए बिजली निगमों को बचाने तथा कर्मचारियों, किसानों और आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।

प्रदर्शन के दौरान HSEB वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रेस सचिव श्याम लाल खोड ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह जिलों में निजी कंपनी को 25 वर्षों के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले से सरकारी बिजली निगमों के भविष्य, कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा और आम उपभोक्ताओं के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि अधिक राजस्व वाले क्षेत्रों में निजी कंपनियों के प्रवेश से सरकारी बिजली निगमों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है, जिसका खामियाजा अंततः आम जनता को भुगतना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि बिजली जैसी आवश्यक जनसेवा को निजी कंपनियों के हवाले करने के किसी भी प्रयास का बिजली कर्मचारी पुरजोर विरोध करेंगे। सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और बिजली वितरण व्यवस्था को सार्वजनिक क्षेत्र में सुरक्षित रखना चाहिए, ताकि आम जनता को उचित दरों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

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संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 22, 23 और 24 अक्टूबर को प्रदेशव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल शुरू । कर्मचारियों ने सभी बिजली कर्मचारियों, इंजीनियरों, किसान संगठनों, उपभोक्ताओं और आम नागरिकों से इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की।

प्रदर्शन को सर्व कर्मचारी संघ के सिरसा प्रधान मदन लाल खोथ तथा अखिल भारतीय किसान संघ से अमजिन्दर सिंह और रिटायर्ड कर्मचारी संघ की ओर से अशोक पटवारी ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। कर्मचारियों ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों और किसान संगठनों द्वारा दिए गए समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि बिजली के निजीकरण के खिलाफ यह लड़ाई केवल कर्मचारियों की नहीं, बल्कि किसानों, आम उपभोक्ताओं और जनहित से जुड़ा व्यापक संघर्ष है।

प्रदर्शन के माध्यम से कर्मचारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि बिजली निगमों और जनहित की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा तथा निजीकरण के फैसले के खिलाफ आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

इस अवसर पर सर्कल सचिव सतिंदर मोंगा, सर्कल सचिव, सुरजीत बेदी,देवीलाल बिरड़ा , सीताराम सोनी, यूनिट प्रधान मीत चंद, सतवीर नाथूसरी, औद्योगिक क्षेत्र से रमेश कुमार, विजय सैनी, जगबीर, जयदेव, कुलदीप सोनी, अजय पासी,राय सिंह सहित सिरसा सर्कल के अनेक बिजली कर्मचारी उपस्थित रहे।