Haryana में वेतन पेंशन मामलों के निपटारे में तेजी, नायब सरकार ने तय की नई जवाबदेही*
*Haryana सरकार ने वेतन, पेंशन और सेवा लाभों से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब संबंधित विभागों को ही इन मामलों की सुनवाई और निर्णय लेने का अधिकार होगा।*
*संबंधित विभाग अब स्वयं करेंगे मामलों की सुनवाई, निर्णय....प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही बढ़ेगी, अदालती बोझ घटेगा।*
*हरियाणा सरकार ने वेतन, पेंशन, एसीपी और अन्य सेवा लाभों से जुड़े मामलों के त्वरित और प्रभावी निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन मामलों का रिकार्ड और प्रशासनिक नियंत्रण संबंधित विभागों के पास है, उनमें सुनवाई और निर्णय भी उसी स्तर पर होना चाहिए। इससे कर्मचारियों के मामलों का निपटारा अधिक तेजी और पारदर्शिता से हो सकेगा।*
*वित्त विभाग ने इस संबंध में एडवोकेट जनरल (एजी) कार्यालय को पत्र लिखकर अदालतों के समक्ष सरकार का पक्ष स्पष्ट रूप से रखने का अनुरोध किया है। वित्त विभाग का कहना है कि सेवा मामलों से जुड़ी अधिकतर याचिकाओं में कर्मचारी का रिकार्ड, सेवा पुस्तिका और विभागीय तथ्य संबंधित विभागों के पास उपलब्ध होते हैं।*
*इसलिए निर्णय लेने की प्रक्रिया भी वहीं अधिक प्रभावी ढंग से संचालित की जा सकती है। सेवा लाभों से जुड़ी याचिकाओं की बढ़ती संख्या के बीच सरकार का यह कदम कर्मचारियों और प्रशासन दोनों के लिए राहतकारी साबित हो सकता है*
*पिछले कुछ समय से हाई कोर्ट द्वारा कई मामलों में अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) को व्यक्तिगत सुनवाई कर स्पीकिंग आर्डर जारी करने के निर्देश दिए जा रहे थे। वित्त विभाग का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल वित्तीय पहलू से पक्षकार होने के कारण हर मामले में वित्त विभाग स्तर पर सुनवाई व्यावहारिक नहीं है।*
*सरकार का उद्देश्य मामलों को सही प्रशासनिक स्तर पर भेजकर उनकी सुनवाई और निपटारे की प्रक्रिया को सरल, स्पष्ट और समयबद्ध बनाना है। जिन मामलों में अंतिम निर्णय का अधिकार वित्त विभाग के पास होगा, वहां विभाग अपनी जिम्मेदारी पहले की तरह निभाता रहेगा।*
*इस संबंध में जारी पत्र की प्रतियां सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों और अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई हैं। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से अदालतों में लंबित सेवा मामलों के समाधान में तेजी आएगी और विभागीय जवाबदेही भी अधिक स्पष्ट होगी*
