टैगोर एक्सटेंशन लेक्चर थिएटर CDLU में नशा और मानसिक स्वास्थ्य विषय पर विस्तार व्याख्यान
Mahendra india news, new delhi
मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा किए बिना नशा-मुक्त समाज की कल्पना संभव नहीं है। यह विचार प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. रविंद्र पुरी ने चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, (CDLU) SIRSA के टैगोर एक्सटेंशन लेक्चर थिएटर में विश्वविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित “नशा और मानसिक स्वास्थ्य” विषय पर विस्तार व्याख्यान में बतौर रिसोर्स पर्सन विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
CDLU प्राणीशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर जोगिंदर दुहन ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करना रहा। कार्यक्रम में जंतु विज्ञान विभाग सहित विभिन्न विभागों के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
प्राणीशास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ. हरकृष्ण ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत अनेक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। उन्होंने कहा कि नशा केवल शारीरिक समस्या नहीं, बल्कि मस्तिष्क से जुड़ी एक गंभीर मानसिक बीमारी है, जो व्यक्ति के व्यवहार, भावनाओं और निर्णय क्षमता को प्रभावित करती है।
इसके उपरांत डॉ रविंद्र पूरी ने कहा कि नशे के कारण अवसाद, चिंता, चिड़चिड़ापन, स्मृति ह्रास तथा अन्य गंभीर मानसिक रोग उत्पन्न हो सकते हैं। उन्होंने युवाओं को पीयर प्रेशर, तनाव और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से सचेत रहने की सलाह दी तथा कहा कि नशा एक इलाज योग्य समस्या है, जिससे सही समय पर परामर्श, परिवार के सहयोग और सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर पूरी तरह मुक्ति पाई जा सकती है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. हरकृष्ण ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया। अंत में सभी उपस्थित विद्यार्थियों को मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर डॉ. सुरेश, डॉ. ज्योति, डॉ. सुखमीत, सुश्री तरविंदर कौर, अन्य शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी तथा शोधार्थी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. हरकृष्ण ने मुख्य वक्ता एवं उपस्थित विद्यार्थियों के प्रति औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
