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श्री बाबा तारा जी कुटिया में दादी रानी सती जी (झुंझनू वाली माता) का पावन मंगल पाठ -दादी रानी सती (झुंझनू वाली माता) का सजा भव्य दरबार

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  The sacred Mangal Paath of Dadi Rani Sati (Jhunjhunu Wali Mata) was held at Shri Baba Tara Ji's hut. - The grand court of Dadi Rani Sati (Jhunjhunu Wali Mata) was decorated

श्री बाबा तारा जी कुटिया में दादी रानी सती जी (झुंझनू वाली माता) का पावन मंगल पाठ
-दादी रानी सती (झुंझनू वाली माता) का सजा भव्य दरबार
-नृत्य नाटिका के माध्यम से दर्शाई दादी रानी सती की जीवनी
-पहली बार हरियाणा में हुआ दादी रानी सती को समर्पित भव्य आयोजन
-पूर्व मंत्री एवं हरियाणा लोकहित पार्टी के प्रमुख गोपाल कांडा ने ज्योत प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ
-कुटिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांडा के संयोजन में हुआ कार्यक्रम
-दादी रानी सती की महिमा का गुणगान करने कोलकाता से पहुंचे भजन गायक
-सौरभ मधुकर एवं केशव मधुकर की जोड़ी ने श्री तारकेश्वरम धाम में बहाई भजन गंगा

-मंच पर मनाई गई गोबिंद कांडा व लखराम कांडा की वैवाहिक वर्षगांठ

सिरसा। उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध धार्मिक केंद्र श्री बाबा तारा जी कुटिया (श्री तारकेश्वरम धाम ) में एक बार फिर भव्य एवं दिव्य आयोजन हुआ। हरियाणा की धरती पर पहली बार दादी रानी सती जी ( झुंझनू वाली माता ) का मंगल पाठ अनूठे रूप में आयोजित किया गया। पूर्व मंत्री एवं हरियाणा लोकहित पार्टी के अध्यक्ष गोपाल कांडा ने ज्योत प्रज्ज्वलित कर मंगल पाठ का शुभारम्भ किया। 

श्री बाबा तारा जी कुटिया के मुख्य सेवक व वरिष्ठ भाजपा नेता गोबिंद कांडा के संयोजन में यह भव्य आयोजन हुआ। इस मंगल पाठ के दौरान ही दादी रानी सती जी की संपूर्ण जीवनी को नृत्य नाटिका के माध्यम से दर्शाया गया। साथ ही कोलकाता से सिरसा पहुंचकर सुप्रसिद्ध भजन गायक सौरभ मधुकर एवं केशव मधुकर ने दादी रानी सती की महिमा का गुणगान किया। दादी रानी सती के त्याग, तपस्या और सतीत्व को समर्पित जीवन को विहंगम झांकी के जरिए भी प्रदर्शित किया गया। मंगल पाठ में गायकों ने बताया कि राजस्थान की वीर धरा, जहाँ के कण-कण में भक्ति और शक्ति का वास है, वहीं झुंझनू जिले में विराजी हैं—दादी रानी सती। भक्त उन्हें प्यार से 'दादी जी' कहते हैं। वे केवल एक कुलदेवी नहीं, बल्कि ममता, त्याग और सतीत्व की साक्षात प्रतिमूर्ति हैं। दादी जी का जन्म मंगलमयी कार्तिक शुक्ल नवमी को डोकवा गाँव के एक अग्रवाल परिवार में हुआ था। उनका नाम नारायणी देवी रखा गया। उनका विवाह हिसार के नवाब के दीवान के पुत्र तनधन दास जी के साथ हुआ था। जब नवाब की सेना ने धोखे से तनधन दास जी पर वार किया और वे वीरगति को प्राप्त हुए, तब कोमल स्वभाव वाली नारायणी देवी ने चंडी का रूप धारण कर लिया। उन्होंने वीरतापूर्वक शत्रुओं का नाश किया और अंत में अपने पति के साथ सती होने का निर्णय लिया। उनके इस महान बलिदान ने उन्हें अमर कर दिया।

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                 झुंझनू का रानी सती मंदिर स्थापत्य कला का एक अद्भुत नमूना है। यह विश्व के सबसे बड़े सती मंदिरों में से एक माना जाता है। यहाँ कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि त्रिशूल की पूजा की जाती है, जो शक्ति का प्रतीक है। मंदिर की दीवारों पर की गई चित्रकारी और संगमरमर की भव्यता भक्तों का मन मोह लेती है। दादी जी के दरबार में जात-पात का कोई भेद नहीं है। भाद्रपद की अमावस्या को यहाँ 'भादी मावस' का मेला लगता है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं। भक्तों का अटूट विश्वास है कि जो भी सच्चे मन से दादी के चरणों में शीश झुकाता है, उसकी झोली कभी खाली नहीं रहती।
                  पूर्व मंत्री एवं हरियाणा लोकहित पार्टी के अध्यक्ष गोपाल कांडा स्वयं श्री बाबा तारा जी कुटिया के विशाल सत्संग स्थल पहुंचे। कुटिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांडा के साथ पूर्व मंत्री गोपाल कांडा ने मंगल पाठ का श्रवण किया। 

               गोबिंद कांडा ने बताया कि श्री तारकेश्वरम धाम अनेक भक्ति कार्यक्रमों के आयोजन का साक्षी है। इस बार दादी रानी सती झुंझनू वाली माता को समर्पित, अगाध श्रद्धा, अटूट आस्था और भक्ति से ओत प्रोत आयोजन हुआ है। दादी रानी सती का जुड़ाव  हरियाणा एवं महाभारत से माना जाता है। गीता संदेश की पावन धरा हरियाणा में दादी रानी सती जी के जीवन को नाटिका के माध्यम से उच्च कोटि के कलाकारों द्वारा दर्शाया गया।

             इस मौके पर गोपाल कांडा की धर्मपत्नी सरस्वती कांडा, गोबिंद कांडा की धर्मपत्नी सरिता कांडा, संगीता कांडा, लखराम कांडा, छवि कांडा, धवल कांडा, नंदिता कांडा, धैर्य कांडा , शुभम कांडा, संगरिया पार्षद सुमन कंदोई, कोकिला अग्रवाल,  राजेश मंगला, सुभाष गोयल, सुरेश गोयल, राकेश बिंदल,सपना गोयल,अनीता गोयल,  सुशीला कांडा नारंग, पुनीत नारंग, दया गोयल, राहुल गोयल, हर्षा बिंदल, हिमांशु बिंदल, संस्कृति गोयल, अर्पित गोयल, तेज प्रकाश बांसल, सुरेंद्र गोयल, अनिल गनेरीवाला, संजय साहुवाला, जयसिंह कुसुंभी चेयरमैन, गोपाल सर्राफ, अनिल सर्राफ, राजेंद्र गनेरीवाला, अश्वनी बंसल, नवदीश गर्ग, नरेश जिंदल, बंटी बंसल, सुदेश पचार, इन्द्रोष गुज्जर, नगर पार्षद हेमकांत शर्मा, नगर पार्षद सुमन शर्मा,  नगर पार्षद राजन शर्मा, सुनील सर्राफ सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।