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सरसों की इन किस्मों की बिजाई कर किसान कमा सकते हैं मुनाफा

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सरसों की इन किस्मों की बिजाई कर किसान कमा सकते हैं मुनाफा
mahendra india news, new delhi

सरसों की बिजाई का समय आ गया है। किसान बिजाई करने की तैयारी मेें जुट गये हैं। किसानों को सरसों की किस्मों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक डा. देवेंद्र सिंह ने बताया कि सरसों की खेती के लिए कुछ प्रमुख किस्में पूसा सरसों 24, पूसा सरसों 25, पूसा सरसों 28, पूसा अग्रणी, पूसा तारक, और भरतपुर सरसों 11 (बीपीएम 11) हैं। बुवाई का सही समय सितंबर के अंतिम सप्ताह से अक्टूबर के मध्य तक है, जो कि ठंडी जलवायु और अच्छे उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है। 


उन्होंने बताया कि सरसों की खेती के लिए उचित मिट्टी और उचित जैविक खाद का प्रयोग भी आवश्यक है, जिससे रोग-मुक्त फसल और अच्छी पैदावार मिल सके।  
सरसों की प्रमुख किस्में 


इन किस्मों की अगेती किस्में:
पूसा सरसों 24, पूसा सरसों 25, पूसा सरसों 28, पूसा अग्रणी, पूसा तारक और पूसा महक जैसी किस्में कम अवधि में तैयार होती हैं।
भरतपुर सरसों 11 (बीपीएम 11) देर से बुवाई के लिए उपयुक्त है और यह कई रोगों से लड़ने में सक्षम है।

खेती की सही समय और तरीका
बुवाई का वक्त: सितंबर के अंतिम सप्ताह से अक्टूबर के मध्य तक सरसों की बुवाई की जा सकती है, जो कि रबी मौसम की एक लोकप्रिय खेती है। 
मिट्टी: दोमट या हल्की काली मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है, जिसमें नमी बनी रहती है और श्च॥ मान 6.5 से 8 के बीच होता है। 

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खाद और बीज:
बुवाई से पहले खेत की अच्छी जुताई करें और जैविक खाद का प्रयोग करें। 
बीज को फफूंदनाशी से उपचारित करें ताकि वह रोग-मुक्त रहे। 
सरसों के बीज 4-5 सेमी गहरे बोने चाहिए। 

अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
उत्पादन : उन्नत किस्में बंपर उपज दे सकती हैं और चार-साढ़े, चार माह में तैयार हो जाती हैं। 
रोग नियंत्रण: कुछ किस्में सफेद रतुआ, पत्ती झुलसा, और फफूंद जैसे खतरनाक रोगों से लड़ने में सक्षम होती हैं।