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सिजेंटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के हाइब्रिड धान बीज एनके 7104 के जर्मिनेशन ना होने से रघुआना के किसानों ने डीडीए सिरसा को की शिकायत: लखविंदर सिंह औलख

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Farmers from Raghuana complained to DDA Sirsa after Syngenta India Private Limited's hybrid paddy seeds (NK 7104) failed to germinate: Lakhwinder Singh Aulakh

MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
सिरसा। बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके पास गांव रघुआना के किसानों मनदीप सिंह, जगतार सिंह, सुखजीत सिंह ने फोन पर सूचना दी कि उन्होंने  सिजेंटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के हाइब्रिड धान बीज एनके 7104 बब्बर बीज भंडार जनता भवन सिरसा से खरीदा था, जिसका उन्होंने अपने-अपने खेतों में छिड़काव किया, लेकिन जर्मिनेशन बहुत कम हुआ है। मैंने स्वयं भी जाकर देखा तो उगाव में भारी कमी है और बहुत कमजोर मिशन हुआ है, जिसे लेकर डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर (डीडीए) सिरसा को शिकायत पत्र भेजा गया है।

डिप्टी डायरेक्टर से अपील है कि मामले की जांच करवाने तथा किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों ने बताया कि उन्होंने भारी खर्च करके कंपनी का एनके 7104 धान बीज खरीदा था और कृषि विभाग की सलाह अनुसार खेतों में बिजाई की, लेकिन बीज का जर्मिनेशन बहुत कम हुआ। किसानों का आरोप है कि कई खेतों में बीज बिल्कुल नहीं उगा, जिससे किसानों को दोबारा बिजाई करने की नौबत आ गई है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसानों ने कहा कि धान की फसल का समय सीमित होता है और खराब बीज के कारण उनकी फसल पिछड़ रही है। दोबारा बिजाई करने में अतिरिक्त मजदूरी, डीजल, खाद तथा बीज पर खर्च करना पड़ रहा है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। किसानों ने कृषि विभाग से मांग करते हुए कहा कि प्रभावित खेतों का तुरंत सर्वे करवाया जाए, संबंधित कंपनी के बीज के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएं तथा दोषी पाए जाने पर कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही किसानों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।

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वहीं किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसान संगठन के नेतृत्व में आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर मनदीप सिंह, सुखदीप सिंह, लखविंदर लीला साहुवाला, जसपाल सिंह, अश्विंदर सिंह, अंग्रेज सिंह, भूपेंद्र सिंह, मेजर सिंह, अंग्रेज सिंह गेज, मनजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह निक्का आदि किसान मौजूद रहे।