नोहर फीडर पर पानी निकासी परियोजना को लेकर हरियाणा पहुंचे राजस्थान के किसान, किसानों ने नहरी विभाग के अधिकारियों को सुनाई खरी-खरी
mahendra india news, new delhi
हिसार घग्घर मल्टीपरपज ड्रैन से नोहर फीडर नहर पर ओवरफ्लो पानी की निकासी के लिए चल रहे निर्माण कार्य को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर राजस्थान के नोहर तहसील के सोमवार को 20 से 25 गांवों के किसान हरियाणा में चौपटा के नहर स्थल पर पहुंच गए। किसानों ने मौके पर दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया और राजस्थान के नोहर नहरी विभाग के एसी संजीव वर्मा तथा एसडीओ मनदीप धालीवाल को अपने बीच बैठाकर उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग की।
किसानों का कहना था कि जब तक SIRSA से हरियाणा नहरी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर बातचीत नहीं करेंगे, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे।पूर्व प्रधान सोहन लाल ढील ने आरोप लगाया कि हरियाणा के नहरी विभाग ने किसानों के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा पहले निर्माण कार्य रुकवा दिया गया था, इसके बावजूद दोबारा निर्माण शुरू कर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक किसानों की मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने में प्रधान गुरमैल सिंह जसाना, रामचंद्र न्यौल, महावीर शर्मा,सर्वमित्र, मांगेराम, गोपीराम, मानसिंह, रमेश सहित करीब 20 से 25 गांवों के किसान मौजूद रहे।
अधिकारी बोले- बिना अनुमति कराया गया निर्माण
मौके पर मौजूद नोहर नहरी विभाग के एसी संजीव वर्मा ने बताया कि हरियाणा के नहरी विभाग द्वारा उनके विभाग से अनुमति लिए बिना निर्माण कार्य कराया गया है और आगे भी निर्माण जारी है। उन्होंने कहा कि किसानों की चिंता यह है कि जिस क्षेत्र में 14 वाटर वर्क्स के लिए पेयजल का भंडारण होता है, वहां ओवरफ्लो का पानी पहुंचने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि वे किसानों के साथ ही मौजूद हैं और उनकी मांग के अनुसार सिरसा के उच्च अधिकारियों से बातचीत कराने का प्रयास किया जा रहा है।
