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HARYANA में वैकल्पिक खेती के तौर पर मशरूम को अपनाएं किसान, 85 प्रतिशत तक सरकार दे रही अनुदान

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Farmers in Haryana should adopt mushroom as an alternative farming, the government is giving subsidy up to 85 percent

Mahendra india news, new delhi
HARYANA में किसानों की आय बढ़ाने और वैकल्पिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग, हरियाणा द्वारा मशरूम उत्पादन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत अनुदान सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अलग-अलग स्तर पर मशरूम उत्पादन, प्रसंस्करण और संरचना निर्माण के लिए किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।


ट्रे आधारित मशरूम उत्पादन पर अनुदान, बटन मशरूम के अलावा अन्य किस्मों पर सहायता
मशरूम ट्रे पर 300 रुपये प्रति ट्रे की इकाई लागत निर्धारित की गई है। इस पर सामान्य क्षेत्रों में 75 प्रतिशत से 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इसके तहत किसानों को 225 रुपये प्रति ट्रे की सहायता मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 100 ट्रे (सामान्य वर्ग) तथा 255 रुपये प्रति ट्रे (अनुसूचित वर्ग) तक निर्धारित है। बटन मशरूम के अलावा अन्य मशरूम ट्रे पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसमें 300 रुपये प्रति ट्रे की लागत पर 150 रुपये प्रति ट्रे की सहायता मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 100 ट्रे तक रखी गई है।


कम लागत वाली शेड संरचना पर अनुदान, मशरूम उत्पादन इकाई पर सहायता
सीजनल मशरूम की खेती के लिए कम लागत वाली फूस की झोपड़ी (साईज (30’म15’) 3 लाइन रैक प्रत्येक लाइन में 2 मंजिल) के निर्माण हेतु 30,000 रुपये प्रति यूनिट लागत निर्धारित है। इस पर सामान्य वर्ग को 75 प्रतिशत (22,500 रुपये) और अनुसूचित वर्ग को 85 प्रतिशत (25,500 रुपये) तक अनुदान दिया जाएगा। मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए 30 लाख रुपये की लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसके तहत किसानों को 12 लाख रुपये प्रति इकाई की सहायता मिलेगी, जो बैंक ऋण से जुड़ी होगी।

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मशरूम कवक निर्माण इकाई पर अनुदान, छोटे स्तर पर उत्पादन के लिए विशेष योजना
मशरूम कंपोस्ट निर्माण इकाई (20 लाख रुपये लागत) पर 40 प्रतिशत अनुदान के रूप में 8 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं, मशरूम खाद निर्माण इकाई (30 लाख रुपये लागत) पर 40 प्रतिशत अनुदान के तहत 12 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध होगी।


छोटे किसानों के लिए 2 लाख रुपये प्रति इकाई लागत (200 वर्ग फुट संरचना) पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इस योजना के तहत 1 लाख रुपये प्रति इकाई की सहायता मिलेगी तथा एक लाभार्थी को अधिकतम 5 इकाइयों तक लाभ दिया जा सकेगा।


जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि उद्यान विभाग की ये योजनाएं उन किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हैं, जो कम जमीन और कम लागत में अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं। मशरूम उत्पादन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए सरकार लगातार प्रोत्साहन दे रही है। किसान इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं और आधुनिक कृषि की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।