ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों पर किसानों को मिले एक लाख रुपए प्रति एकड़ मुआवजा: शीशपाल केहरवाला
MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के बाद किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग तेज हो गई है। कालांवाली के विधायक शीशपाल केहरवाला ने गांव भरोखां, दड़बी और बरुवाली के खेतों में पहुंचकर धान की नष्ट हुई फसल का जायजा लिया। इस दौरान किसानों ने विधायक को बताया कि ओलावृष्टि के कारण उनकी धान की फसल शत-प्रतिशत बर्बाद हो गई हैं।
किसानों ने कहा कि छह महीने तक मेहनत करने, बीज, खाद, डीजल और कीटनाशकों पर हजारों रुपए खर्च करने के बावजूद अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। विधायक शीशपाल केहरवाला ने कहा कि बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि ने किसानों की छह महीने की मेहनत और अरमानों पर पानी फेर दिया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित गांवों में तत्काल विशेष गिरदावरी करवाई जाए और नुकसान के आकलन के आधार पर किसानों को बिना देरी मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने पूरी तरह बर्बाद धान की फसल के लिए प्रति एकड़ एक लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। केहरवाला ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल खराब होने पर किसान की पूरी आर्थिक योजना बिगड़ जाती है। ऐसे में केवल औपचारिक सर्वे के बजाय खेतों में वास्तविक नुकसान का आकलन कर किसानों को राहत देना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसान पहले ही खरीद प्रक्रिया, सरकारी पोर्टल, खाद की उपलब्धता और बढ़ते कृषि खर्चों जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
