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आप केमिकल से पका तरबूज तो नहीं खा रहे, पहचान करने के लिए अपनाएं ये तरीके

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Follow these steps to identify if you are eating a chemically ripened watermelon
 mahendra india news, new delhi

गर्मी के मौसम में बाजार व गांवों में जगह जगह तरबूज बेचे जा रहे हैं। गर्मी के मौसम में मिलने वाला तरबूज भी केमिकल से पका हुआ बिक रहा है। आज हम आपको असली-नकली तरबूज की पहचान करने के तरीके बताने जा रहे हैं। इसके लिए असली पहचानने के लिए यह 3 तरीके ट्राई आप कर सकते हैं। 

आपको बता दें कि सबसे सिंपल और आसान ट्रिक है टिश्यू पेपर वाली। जब भी तरबूज खरीदते हैं, तो दुकानदार काटकर दिखाते हैं कि वह पका है या नहीं। अगर आप ऐसा नहीं करवाते हैं, तो अब जरूर करवाएं। तरबूज का एक टुकड़ा काटकर दिखाने के लिए कह दें। इसके साथ में टिश्यू पेपर रखें। टिश्यू पेपर को तरबूज पर रखेंगे और उसका रंग लाल या ऑरेंज हो जाता है, तो यह नकली है। अगर टिश्यू पेपर का रंग नहीं बदल रहा है, तो वो असली है।


इसी के साथ ही पानी वाली ट्रिक से भी आप नकली तरबूज का पता कर सकते हैं। तरबूज का एक टुकड़ा पानी में डालें, अगर इससे पानी का रंग लाल होता दिख रहा है, तो यह नकली है। असली तरबूज से पानी का रंग कभी नहीं बदलता है। केमिकल-कलर वाले तरबूज का रंग पानी में घुलने लगेगा।

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वहीं तरबूज की रंगत से भी पहचान की जा सकती है। अगर उसकी डंठल पीली-सूखी हुई है, नीचे पीला धब्बा है, तो वह सही से पकाया गया है। अगर डंठल हरी-ताजी, नीचे सफेद धब्बा, सुर्ख लाल रंग और सफेद बीज हो तो वह तरबूज नकली हो सकता है।