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जोधपुरिया में पूर्व छात्रा शर्मिला व कविता का स्कूल प्रबंधन ने किया जोरदार स्वागत

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Former students Sharmila and Kavita were given a warm welcome by the school management in Jodhpuriya

Mahendra india news, new delhi

 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जोधपुरिया (2978) खण्ड रानियां जिला सिरसा की पूर्व छात्रा कुमारी शर्मिला सुपुत्री जयवीर गोदारा व कविता सुपुत्री जगमाल का सरकारी सेवाओं में चयन होने पर स्कूल पहुंचने पर स्कूल प्रबंधन द्वारा दोनों छात्राओं का जोरदार स्वागत किया गया। स्कूल प्रधानाचार्य मंजू कासनियां ने सम्मानसूचक पगड़ी पहनाकर दोनों छात्राओं को सम्मानित किया आर उनके हौंसले की प्रशंसा की। शर्मिला का चयन एसएससी (आर्मी जीडी) के पद पर हुआ है तो वहीं कविता का चयन 4जी ग्रेड राजस्थान अधिकारी के तार पर हुआ है।

अंग्रेजी प्रवक्ता रमेश सुथार ने बताया कि दोनों छात्राएं उनकी शिष्य रही हैं तथा पढ़ाई में सदैव अग्रणी रही हैं। आज पूरा विद्यालय उन पर गर्व महसूस कर रहा है। समस्त विद्यालय परिवार उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है तथा भगवान से प्रार्थना करता है कि वे उन्हें और अधिक ऊंचाइयों पर पदस्थ करें। उन्होंने छात्रा शर्मिला के संंबंध में बताया कि इस होनहार छात्रा ने हरियाणा बोर्ड से 485/500 (97.7 मैट्रिक) में तथा 10+2 में 490/500 (98 प्रतिशत) क्रमश: दसवीं में रानियां में प्रथम स्थान तथा सिरसा जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करके स्नातक कला संकाय में सीडीएलयू से 90 प्रतिशत अंकों के साथ सीडीएलयू टॉपर व एसएससी जीडी पैरामिलिटी परीक्षा में 2025-2026 (आर्मी, बीएसएफ) में चयन हुआ है और अपने माता-पिता व स्कूल का नाम रोशन किया तथा गुरुजनों के बताये रास्ते पर चलकर सोशल मीडिया से दूर रह कर यह उपलब्धि अर्जित की है। कुमारी शर्मिला ने विद्यालय के दिनों को याद करते हुए अपने अनुभव सांझा करते हुए बताया कि सभी बच्चे अपने गुरुजनों का आदर करें और मन लगाकर पढ़ाई करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करें।


इसी स्कूल की अन्य पूर्व छात्रा कविता सुपुत्री जगमाल ने भी इसी विद्यालय से सन् 2007 में 10+2 की परीक्षा तथा 2012 में स्नातक की परीक्षा और स्नातकोत्तर (एमए) की परीक्षा 2024-25 में उत्तीर्ण करते हुए में 4जी ग्रेड राजस्थान अधिकारी के लिए 110/200 अंक प्राप्त करते हुए कुल 1100 रिक्त पदों की भर्ती में 10वां रैंक प्राप्त किया है।

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उन्होंने बताया कि इनका जीवन कठिन संघर्षों से गुजरा है, इनके पति का 2021 में कोरोना काल में आकस्मिक निधन हो गया था, जिसके कारण इनका जीवन अंधकारमय हो गया, परन्तु इन्होंने बिना थके, बिना रुके लगातार अथक परिश्रम करते हुए सोशल मीडिया से दूर रह कर 10 से 12 घंटे तक सेल्फ  स्टडी करके आज जो मुकाम हासिल किया है, वो समाज व बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत  है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे किताबों से प्रेम करें। सोशल मीडिया से दूर रहकर अपना लक्ष्य निर्धारित करें और मन लगाकर उसे पूरा करते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान करें। सफलता आपके कदम चूमेगी। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या मंजू कासनिया, किरण झोरड़ (प्रवक्ता इतिहास), रमेश सुथार (प्रवक्ता अंग्रेज़ी) सहित अन्य स्टाफ  सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।